जनगणना-2027 के लिए राजस्थान में जोरदार तैयारी, डेटा होगा डिजिटल और भरोसेमंद

जनगणना-2027 के लिए राजस्थान में जोरदार तैयारी, डेटा होगा डिजिटल और भरोसेमंद

राजस्थान में जनगणना-2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि डेटा डिजिटल, सटीक और भरोसेमंद होगा ताकि विकास योजनाओं और जन कल्याण कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सटीक और भरोसेमंद जनगणना डेटा किसी भी विकास परियोजना और जन कल्याण योजना की सफलता के लिए बेहद आवश्यक है। यह बात उन्होंने राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में कही, जो जनगणना-2027 की तैयारियों से संबंधित था।

डिजिटल तकनीक से जनगणना की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना-2027 राजस्थान में डिजिटल तकनीक के माध्यम से बड़े पैमाने पर की जाएगी। इससे डेटा तेजी से और आसानी से जमा होगा और गलतियों की संभावना न्यूनतम रहेगी। उन्होंने कहा कि घरों की सटीक सूची बनाना और सही तरीके से गणना करना, आगे के सभी चरणों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा।

सटीक आंकड़े और योजनाओं में सुधार

भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़े किसी भी विकास योजना की नींव का काम करते हैं। सही डेटा से यह पता चलता है कि:

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता जैसी सुविधाएं कैसी मिल रही हैं

  • स्कूल, अस्पताल, गैस कनेक्शन जैसी सेवाओं तक पहुंच कैसी है

  • विभिन्न इलाकों की वास्तविक जरूरतें और प्राथमिकताएं क्या हैं

इन आंकड़ों के आधार पर ही योजनाओं का आकार और क्रियान्वयन तय होता है।

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गलत आंकड़ों के खतरें

मुख्यमंत्री ने चेताया कि यदि जनगणना में गलत डेटा दर्ज होता है तो:

  • योजनाओं की योजना सही ढंग से नहीं बनती

  • संसाधनों का सही वितरण नहीं हो पाता

  • लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता

इसलिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेटा की गुणवत्ता और शुद्धता पर पूरा ध्यान दिया जाए।

संसाधन आवंटन और परिसीमन में योगदान

सीएम ने बताया कि जनगणना के आंकड़े निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, संसाधन वितरण, अनुदान और सहायता योजनाओं के निर्णय आदि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे समाज के सभी हिस्सों की सही तस्वीर मिलती है और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है।

नागरिकों को स्वयं डेटा भरने का अवसर

भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक अपने डेटा को स्वयं भर सकेंगे। इससे हर व्यक्ति की जानकारी सीधे और सही तरीके से दर्ज होगी और डेटा की भरोसेमंदता और गुणवत्ता बढ़ेगी।

प्रशिक्षण और पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और उच्च गुणवत्ता वाली हो। इससे जनगणना-2027 के परिणाम राज्य और केंद्र सरकार को सटीक आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने में मदद करेंगे।

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