राहुल गांधी के 8 अगस्त को प्रयागराज में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद गहरा गया है। KP कॉलेज ने अनुमति वापस ले ली, लेकिन कांग्रेस ने साफ किया कि कार्यक्रम तय समय पर होगा। जानें पूरा मामला।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रयागराज में 8 अगस्त को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम पर अनुमति वापस लिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कार्यक्रम किसी भी स्थिति में रद्द नहीं होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है और इसी कारण उनके कार्यक्रमों में लगातार बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चाहे संसद हो या सड़क, बीजेपी राहुल गांधी का सामना करने से बचती है और छात्रों की आवाज दबाने का हर संभव प्रयास कर रही है।
‘राहुल गांधी से डरी हुई है बीजेपी’ : पवन खेड़ा
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के बढ़ते जनसमर्थन और छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता से बीजेपी घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जब भी राहुल गांधी छात्रों, युवाओं या आम जनता से संवाद करने निकलते हैं, प्रशासनिक स्तर पर रुकावटें पैदा की जाती हैं।
खेड़ा ने कहा कि बीजेपी की यह रणनीति सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र पूरी मजबूती के साथ कार्यक्रम को सफल बनाएंगे। उनके अनुसार, छात्रों की ताकत और विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचकर छात्रों से संवाद जरूर करेंगे।
KP कॉलेज ने वापस ली कार्यक्रम की अनुमति
विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रयागराज के KP कॉलेज प्रबंधन ने पहले दी गई अनुमति को वापस लेने का फैसला किया। कॉलेज प्रशासन ने कांग्रेस को पत्र लिखकर बताया कि खेल मैदान उपलब्ध कराने की अनुमति रद्द की जा रही है।
कॉलेज प्रबंधन के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि यह फैसला कॉलेज के प्राचार्य की रिपोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियां किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।
कॉलेज ने बताई अनुमति रद्द करने की वजह
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 8 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित होने से दो विद्यालयों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसके अलावा मानसून के दौरान लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए खेल मैदान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
प्रबंधन ने कांग्रेस से अनुरोध किया कि कार्यक्रम को बारिश का मौसम समाप्त होने और विद्यालयों की छुट्टियों के दौरान आयोजित किया जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही पहले जमा की गई राशि वापस लेने के लिए भी आयोजकों को कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया।
कांग्रेस का दावा- तय तारीख पर ही होगा आयोजन
अनुमति रद्द होने के बावजूद कांग्रेस अपने रुख पर कायम है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम निर्धारित तिथि यानी 8 अगस्त को ही आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि युवाओं की आवाज को मंच देने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यक्रम सफल रहेगा और बड़ी संख्या में छात्र इसमें भाग लेंगे।
छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद करना है। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी लगातार युवाओं की समस्याओं को संसद और सड़क दोनों जगह उठा रहे हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
प्रयागराज में कार्यक्रम को लेकर अनुमति वापस लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति और तेज हो गई है। कांग्रेस इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रही है, जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उसका फैसला पूरी तरह शैक्षणिक और प्रशासनिक कारणों पर आधारित है।
बीजेपी की ओर से इस मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया भले ही सामने नहीं आई हो, लेकिन कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि विपक्ष की गतिविधियों को रोकने के लिए सरकारी संस्थानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
8 अगस्त पर टिकी हैं सबकी निगाहें
अब सभी की नजर 8 अगस्त पर टिकी हुई है। एक ओर कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज पहुंचेंगे और छात्रों से संवाद करेंगे, वहीं दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन द्वारा अनुमति वापस लेने के बाद आयोजन स्थल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल बने हुए हैं।
यह मामला अब केवल एक कार्यक्रम की अनुमति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे का समाधान कैसे निकलता है और क्या राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अपने निर्धारित स्वरूप में आयोजित हो पाता है।