पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 25 मई 2026 तक 7,300 माताओं और नवजात शिशुओं को मुफ्त इलाज दिया। जानें 10 लाख रुपये तक के कैशलेस कवरेज के फायदे।
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश के हर नागरिक को विश्व स्तरीय और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को लगातार पूरा कर रही है। राज्य की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (Mukh Mantri Sehat Yojana) अब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बन गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 25 मई 2026 तक इस योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
7,300 माताओं और शिशुओं को कैशलेस उपचार
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई 2026 तक ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल के कुल 7,300 मामलों का कैशलेस उपचार किया गया है। इसमें विशेष रूप से 5,300 से अधिक हाई-रिस्क सिजेरियन डिलीवरी और 2,000 नवजात शिशुओं की क्रिटिकल केयर शामिल है। यह पहल उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें पहले जटिल प्रसव और नवजात स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भारी-भरकम आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था।
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ की मुख्य विशेषताएं:
10 लाख रुपये तक की कवरेज: हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा।
- विस्तृत लाभ: इसमें जटिल सर्जरी, हृदय संबंधी प्रक्रियाएं, डायलिसिस, क्रिटिकल इलनेस मैनेजमेंट और नवजात देखभाल शामिल है।
- सुविधाओं का विस्तार: राज्य भर के 839 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है।
- कुल सहायता: इस योजना के तहत अब तक कुल 522 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य सहायता प्रदेश के नागरिकों को दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई उम्मीद
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी नागरिक को केवल पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को, बल्कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी मिल रहा है। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत अब तक 1.59 लाख से अधिक लाभार्थियों को उपचार मिल चुका है और 44 लाख से ज्यादा सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
भविष्य की राह: ‘स्वस्थ पंजाब’ का विजन
पंजाब सरकार का यह डेटा स्पष्ट करता है कि राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वास्तविक ‘क्रांति’ आई है। चाहे वह मोहल्ला क्लीनिकों का जाल हो या बड़े अस्पतालों में मुफ्त उपचार, मान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को ‘विशेषाधिकार’ से बदलकर ‘अधिकार’ बना दिया है।