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पंजाब सरकार की मावां-धियां सत्कार योजना के तहत आज महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है। जानिए क्या है पूरी योजना और कितनी मिलेगी राशि।
पंजाब की माताओं और बहनों के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू की गई फ्लैगशिप योजना ‘मुख्मंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत आज से प्रदेश की लाखों महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है।
सीधे खाते में पहुँची सम्मान की राशि
इस योजना के तहत, पंजाब सरकार ने आज से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए राशि जमा करना शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि:
- सामान्य वर्ग (General Category): महिलाओं के खातों में एक साथ तीन महीने की राशि यानी 3,000 रुपये जमा किए जा रहे हैं (1,000 रुपये प्रति माह)।
- अनुसूचित जाति (SC Category): एससी वर्ग की महिलाओं के खातों में 4,500 रुपये की राशि एक साथ जमा हो रही है (1,500 रुपये प्रति माह)।
यह पैसा सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं बची है।
हर गारंटी पूरी करने की दिशा में बड़ा कदम
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਅੱਜ ਬੇਹੱਦ ਅਹਿਮ ਦਿਨ
ਅੱਜ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਗੇ ਮਾਵਾਂ ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ, ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਹਰ ਔਰਤ ਦੇ ਖਾਤੇ ਵਿਚ ਆਉਣਗੇ 1000 ਰੁਪਿਆ ਅਤੇ 1500 ਸੌ ਰੁਪਿਆ
ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਪੈਸੇ ਇਕੋ ਵਾਰ ਜਨਰਲ ਵਰਗ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਦੇ ਖਾਤੇ ਵਿਚ 3000 ਰੁਪਿਆ ਅਤੇ ਐਸ ਸੀ ਵਰਗ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਦੇ ਖਾਤੇ ਵਿਚ ਆਉਣਗੇ…— Baltej Pannu (@BaltejPannu) June 30, 2026
अपनी सरकार के कामकाज पर बात करते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना हमारी प्राथमिकता है। विपक्षी दल जो भी आरोप लगाएं, लेकिन सच्चाई यह है कि आज प्रदेश के हर घर की महिला को सरकार की तरफ से सम्मानजनक आर्थिक सहयोग मिल रहा है। यह मात्र एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि उस गारंटी का हिस्सा है जो आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से चुनाव के समय की थी।
क्यों अहम है यह योजना?
बलतेज पन्नू की रिपोर्टिंग के नजरिए से देखें तो यह योजना केवल पैसों का लेनदेन नहीं है:
- वित्तीय स्वतंत्रता: राज्य की करीब 52 लाख महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना एक बड़ा प्रशासनिक कदम है।
- पारदर्शिता: डीबीटी के माध्यम से पैसा भेजने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है।
- सामाजिक उत्थान: सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठाने की पात्र हैं, जिससे परिवारों को एक बड़ा संबल मिला है।
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो यह साबित करता है कि पंजाब के खजाने का इस्तेमाल अब जनता की सुख-सुविधाओं के लिए किया जा रहा है।
महेल कलां की ‘लोक मिलनी’ हो या आज का यह वितरण समारोह, सीएम मान का हर कदम यह संदेश दे रहा है कि पंजाब अब ‘रंगला पंजाब’ बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज का दिन पंजाब के उन परिवारों के लिए राहत भरा है, जो सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे थे।