पंजाब सरकार के नहरी नेटवर्क विस्तार से भूजल स्तर में भारी सुधार। मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रयासों से किसानों को मिला नहरी पानी का लाभ।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक और प्रभावी कदम उठाया है। सिंचाई के लिए नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सरकार के ठोस प्रयासों के चलते राज्य के कई हिस्सों में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जो पर्यावरण और कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
“जल संरक्षण के लिए नहरी नेटवर्क का व्यापक विस्तार”
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਲਈ ਕੀਤੀ ਮਿਹਨਤ ਸਦਕਾ ਉੱਪਰ ਆਇਆ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲਾ ਪਾਣੀ pic.twitter.com/7wsDG7njWA
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 24, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उनकी सरकार ने नहरी तंत्र को मजबूत करने और इसे हर खेत के आखिरी छोर तक पहुँचाने के लिए युद्धस्तर पर काम किया है। राज्य में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने बड़े पैमाने पर सुधार किए हैं। न केवल वर्षों से बंद पड़ी नहरों और जलमार्गों (watercourses) को पुनर्जीवित किया गया है, बल्कि राज्य भर में हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें और जलमार्ग बिछाए गए हैं, ताकि पानी के नुकसान को कम किया जा सके और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
“लाखों क्यूबिक मीटर पानी का भूजल रीचार्ज”
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि सरकार के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप भूजल स्तर में सुधार आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंचाई के लिए नहरी पानी के उपयोग को प्राथमिकता देने का मुख्य उद्देश्य किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता को कम करना है। इस पहल का सीधा लाभ अब किसानों को मिल रहा है, जिससे न केवल उनकी लागत कम हुई है, बल्कि राज्य की भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित करने का एक मजबूत आधार भी तैयार हुआ है।
विकास की मुख्य विशेषताएं:
- नहरी नेटवर्क का पुनरुद्धार: हजारों किलोमीटर नहरों का निर्माण, सफाई और मरम्मत का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया है।
- टेल-एंड (Tail-end) तक पानी की पहुँच: अब राज्य के उन दूरदराज के क्षेत्रों में भी नहरी पानी पहुँच रहा है, जहाँ पिछले कई दशकों से पानी की भारी किल्लत थी और जहाँ पानी कभी नहीं पहुँचा था।
- आधुनिक तकनीक का प्रयोग: सिंचाई दक्षता में सुधार के लिए जलमार्गों की पक्की लाइनिंग और आधुनिक मशीनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
- आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ: किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होने से परिचालन लागत में कमी आई है। साथ ही, भूजल के अति-दोहन को रोकने से मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक नहरी पानी का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि पंजाब के अमूल्य जल संसाधनों को भविष्य के लिए बचाकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और सरकार इस दिशा में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।