पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चार साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों की रिपोर्ट पेश की। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार, 900 अस्पतालों में सेवाएं और 5 करोड़ से अधिक मरीजों को लाभ।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के चार साल के कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य ने सरकारी डॉक्टरों की भर्ती, स्वास्थ्य सेवा विस्तार और व्यापक चिकित्सा सुविधाओं के मामले में ऐतिहासिक सुधार किए हैं।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि AAP सरकार ने चार साल में उतने ही डॉक्टरों की भर्ती की है जितनी पिछली सरकारों ने दशकों में की। इसके परिणामस्वरूप पंजाब की लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीजों के साथ आम आदमी क्लीनिक रोज़मर्रा की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन गए हैं।
मान ने मुख्यमंत्री सेहत योजना और केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी निवासियों के लिए 10 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा उपचार की गारंटी देती है, जबकि आयुष्मान योजना में सीमित राशि और शर्तें हैं। इस योजना का उद्देश्य सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, खासकर कमजोर वर्गों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुँचाना।
चार साल में पंजाब सरकार ने लगभग 900 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है। अब तक 25 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है और 1.6 लाख से अधिक लोगों का इलाज किया गया है। 2025-26 और 2026-27 के लिए क्रमशः 1200 और 2000 करोड़ रुपये योजना में आवंटित किए गए हैं। इसके अंतर्गत 2,356 चिकित्सा और शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं, जैसे ऑर्थोपेडिक्स, हृदय, फेफड़े, गुर्दे की बीमारियाँ, कैंसर और अन्य प्रमुख उपचार।
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स्वास्थ्य मानक सुधारने के लिए राज्य में 883 आम आदमी क्लीनिक सक्रिय हैं और 28 मार्च को 100 और क्लीनिकों का उद्घाटन किया जाएगा। इन क्लीनिकों में 47 जांच और 107 दवाइयां मुफ्त उपलब्ध हैं। मरीजों की संतुष्टि दर 94% दर्ज की गई है।
मान ने बताया कि 2022 से अब तक पंजाब में 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती हुई है। इसके अलावा 300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्टों की भर्ती पूरी हो चुकी है, जबकि 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। 250 बिस्तरों वाले सात मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, 30 बिस्तरों वाले धुरी केंद्र का उद्घाटन 17 मार्च को किया गया और सभी अस्पतालों में अब मुफ्त दवाइयां उपलब्ध हैं। उन्नत चिकित्सा उपकरणों पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि सीटी स्कैन सेवाओं में 33% की वृद्धि की गई है। अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में पीईटी स्कैन की सुविधा शुरू की जाएगी। 200 से अधिक सूचीबद्ध निजी निदान केंद्र मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
आपातकालीन सेवाओं और तकनीकी हस्तक्षेपों पर भी जोर दिया गया है। डायलिसिस सेवाओं की क्षमता दोगुनी होकर 4,800 हो गई है। देश में पहली बार सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर की जांच की गई। 1.07 लाख लोगों की दृष्टि जांच की गई, जिनमें 21,660 लोगों में दृष्टि संबंधी समस्याएं पाई गई।
मुख्यमंत्री ने मिशन अमृत के तहत हृदय रोग और स्ट्रोक उपचार परियोजनाओं का भी विवरण दिया। पंजाब लिवर और बिलियरी साइंसेज संस्थान शुरू किया गया है, और योगशाला अभियान के तहत प्रतिदिन 8,000 योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 2 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है।
चिकित्सा शिक्षा में सुधार के लिए सात नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनसे 600 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री मान ने अंत में कहा कि पंजाब सरकार आने वाले समय में राज्य को स्वस्थ, प्रगतिशील और प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में अग्रणी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।