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पंजाब में 3 लाख सोलर लाइट लगाने की योजना का पहला चरण शुरू हो गया है। अमन अरोड़ा के अनुसार 2,617 गांवों में 50,870 लाइटें लगेंगी और काम 4 महीने में पूरा होगा।
पंजाब के गांवों को रोशन करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य में 3 लाख सोलर LED स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना के तहत पहले चरण का काम शुरू किया जा रहा है। इस चरण में 2,617 गांवों में 50,870 सोलर लाइट लगाई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य पहले चरण का काम करीब चार महीने में पूरा करने का है।
यह पहल ‘मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’ के तहत की जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, पूरी योजना के तहत पंजाब के करीब 13,000 गांवों में 3 लाख से अधिक सोलर LED स्ट्रीट लाइट लगाई जानी हैं। इस योजना को पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
गांवों में सुरक्षा और सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
अमन अरोड़ा ने कहा कि गांवों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट होने से लोगों की आवाजाही आसान होगी और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। खास तौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए गांवों की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी बढ़ने से सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि बेहतर रोशनी से ग्रामीण इलाकों में रात के समय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सोलर आधारित लाइट होने के कारण बिजली की नियमित खपत पर निर्भरता भी कम होगी। सरकार ने योजना को ग्रामीण बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली पहल के तौर पर पेश किया है।
चार महीने में पूरा होगा पहले चरण का काम
पहले चरण में 2,617 गांवों को शामिल किया गया है और इनमें कुल 50,870 सोलर लाइट लगाई जाएंगी। अमन अरोड़ा के मुताबिक, इस चरण का काम चार महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद योजना के अगले चरणों के तहत राज्य के अन्य गांवों में भी सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम आगे बढ़ेगा।
राज्य सरकार ने इससे पहले बताया था कि पूरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से जून से अक्टूबर 2026 के बीच लागू करने की योजना है।
PEDA कार्यालय में बनेगा कंट्रोल रूम
ਅੱਜ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ‘ਚ 3 ਲੱਖ ਸੋਲਰ ਲਾਈਟਾਂ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ !!
‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AroraAmanSunam ਨੇ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
🔸ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ ਤਹਿਤ 2,617 ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਣਗੀਆਂ 50,870 ਲਾਈਟਾਂ
🔸4 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਕੰਮ ਪੂਰਾ
🔸 ਪੇਡਾ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ… pic.twitter.com/LpQS1D3EWH— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 12, 2026
सोलर लाइट लगाने के साथ-साथ इनके रखरखाव और निगरानी के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। अमन अरोड़ा के मुताबिक, PEDA कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से गांवों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट की निगरानी की जा सकेगी।
योजना में प्रत्येक लाइट की जियो-टैगिंग और केंद्रीकृत निगरानी का प्रावधान भी बताया गया है। इससे अधिकारियों को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन सी लाइट किस स्थान पर लगी है और उसमें किसी तरह की तकनीकी समस्या आने पर उसे जल्द ठीक कराया जा सके।
खराब लाइट को जल्द ठीक करने की व्यवस्था
सरकार ने सोलर लाइट के रखरखाव को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाइटों के लिए सात साल का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट रखा गया है। किसी लाइट में खराबी आने की स्थिति में उसे निर्धारित समय के भीतर बदलने या ठीक करने की व्यवस्था होगी।
इससे ग्रामीण इलाकों में लाइट लगने के बाद उनके खराब होने पर लंबे समय तक अंधेरा रहने की समस्या से बचने में मदद मिल सकती है।
3 लाख से ज्यादा सोलर लाइट लगाने की बड़ी योजना
पंजाब सरकार ने अप्रैल 2026 में ‘मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’ की घोषणा करते हुए बताया था कि इस परियोजना पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य राज्य के गांवों में 3 लाख से अधिक सोलर LED स्ट्रीट लाइट लगाना है। सरकार के मुताबिक, यह पंजाब के ग्रामीण इलाकों में रोशनी से जुड़ी बड़ी पहलों में से एक है।
सरकार ने यह भी बताया था कि योजना के तहत राज्य सरकार 70 प्रतिशत लागत वहन करेगी, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।
ग्रामीण पंजाब में बदलेगी रात की तस्वीर?
अमन अरोड़ा के मुताबिक, सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की यह योजना केवल रोशनी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा, सुविधा और विकास को बढ़ावा देना भी है। खास तौर पर उन गांवों में जहां पुरानी स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है, वहां नई सोलर लाइट से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पहले चरण में 2,617 गांवों में 50,870 लाइट लगाने के साथ अब योजना जमीन पर उतरने जा रही है। यदि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा होता है, तो इसके बाद पंजाब के बाकी गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से सोलर लाइट लगाने का रास्ता साफ होगा।