राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। जानें कैसे यह विश्वविद्यालय आयुष शिक्षा और चिकित्सा में बदलाव लाएगा।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आज महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का भव्य उद्घाटन किया। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य आयुष शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं को नई उचाईयों तक पहुंचाना है, जो न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय: आधुनिकता और परंपरा का संगम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह विश्वविद्यालय हमारी समृद्ध प्राचीन आयुष परंपराओं का आधुनिक केंद्र है। विश्वविद्यालय में उपलब्ध उन्नत सुविधाएं और लगभग 100 से अधिक संबद्ध आयुष कॉलेज इसके शैक्षिक और चिकित्सीय उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
योगी आदित्यनाथ सरकार के स्वास्थ्य विकास की सराहना
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में किये गए विकास कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रशासकों, डॉक्टरों और नर्सों को जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य ही धन है – योग और आयुष पद्धतियों का महत्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “स्वास्थ्य ही असली धन है,” और लोगों को नियमित योग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और सिद्ध जैसी आयुष प्रणालियाँ समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली के वैज्ञानिक तरीके हैं।
आयुष विश्वविद्यालय का भारत और विश्व में योगदान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय को आयुष पद्धतियों की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम बताया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे विश्वविद्यालय आयुष पद्धतियों की वैज्ञानिक मान्यता को भी सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
For more news: India