गोरखपुर में बना उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय 30 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी उद्घाटन। योगी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट से हेल्थ टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन 30 जून 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों होने जा रहा है। यह ऐतिहासिक पल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का परिणाम है, जिसके तहत गोरखपुर को एजुकेशन और हेल्थ हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गोरखपुर को मिलेगा चौथा विश्वविद्यालय
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय (MGGAYU), गोरखपुर का चौथा विश्वविद्यालय होगा। खास बात यह है कि इस विश्वविद्यालय की नींव भी राष्ट्रपति (रामनाथ कोविंद) ने रखी थी और अब लोकार्पण भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी। इसका निर्माण कार्य लगभग 95% पूरा हो चुका है।
52 एकड़ में फैला, 267 करोड़ की लागत से बना आयुष विश्वविद्यालय
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स्थान: भटहट क्षेत्र, पिपरी, गोरखपुर
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कुल क्षेत्रफल: 52 एकड़
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निर्माण लागत: ₹267.50 करोड़
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उद्देश्य: आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग व प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को एकीकृत रूप में बढ़ावा देना।
राज्यभर के आयुष कॉलेज इस यूनिवर्सिटी से होंगे संबद्ध
इस यूनिवर्सिटी के अस्तित्व में आने से अब प्रदेश के 100 से अधिक आयुष शिक्षण संस्थान (सरकारी व निजी) सीधे इसके अंतर्गत आएंगे। इससे नियमन, पाठ्यक्रम और गुणवत्ता में एकरूपता आएगी।
आयुष ओपीडी से अब तक 1 लाख से अधिक मरीजों को मिला लाभ
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ओपीडी की शुरुआत: 15 फरवरी 2023, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा
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औसतन मरीज: 300 प्रतिदिन
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सेवाएं: आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी
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भविष्य में फुल-फ्लेज्ड आयुष अस्पताल भी शुरू होने जा रहा है।
हेल्थ टूरिज्म और औषधीय खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
आयुष विश्वविद्यालय के चालू होने से क्षेत्र में हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय किसान औषधीय खेती कर सकते हैं, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। जड़ी-बूटी आधारित फार्मिंग और सप्लाई चैन का विकास संभावित है।
एमजीयूजी में ऑडिटोरियम का उद्घाटन, स्टेडियम का शिलान्यास
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (MGUG) में नवनिर्मित ऑडिटोरियम का लोकार्पण और नए स्टेडियम का शिलान्यास भी 30 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों संभावित है। इससे उच्च शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में गोरखपुर को नई पहचान मिलेगी।
एम्स गोरखपुर के दीक्षांत समारोह में हो सकती है राष्ट्रपति की उपस्थिति
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति एम्स गोरखपुर में MBBS के पहले बैच के दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा ले सकती हैं, जिससे यह दिन गोरखपुर के लिए बहुआयामी रूप से ऐतिहासिक बन जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रखेंगे व्यक्तिगत निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते रहे हैं। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे वह एक उच्चस्तरीय हेल्थ एजुकेशन और रिसर्च सेंटर के रूप में देख रहे हैं।
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