प्रीडायबिटीज क्या है और क्यों है खतरनाक? जानें इस स्थिति के लक्षण, बढ़ते जोखिम और आसान तरीके जिससे आप समय रहते ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं।
आज की बदलती लाइफस्टाइल के कारण डायबिटीज और उससे जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसी ही एक स्थिति है प्रीडायबिटीज, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
प्रीडायबिटीज क्या है?
प्रीडायबिटीज वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचता। इसे शुरुआती चेतावनी की तरह समझा जाता है। इस दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने लगता है, और यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह टाइप-2 डायबिटीज में बदल सकती है।
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दुनिया में बढ़ते प्रीडायबिटीज के मामले
दुनियाभर में प्रीडायबिटीज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अधिकतर लोग इस स्थिति से अनजान रहते हैं। लंबे समय तक ब्लड शुगर सामान्य से ऊपर रहने पर ब्लड वेसल्स, दिल और मेटाबॉलिक सिस्टम पर असर पड़ सकता है। इसीलिए डॉक्टर इसे गंभीर चेतावनी मानते हैं।
एक्सपर्ट का कहना
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. शिवानी चौहान के अनुसार, प्रीडायबिटीज में HbA1c 5.7 से 6.4 प्रतिशत के बीच होता है। फास्टिंग ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचता।
प्रीडायबिटीज का खतरा
प्रीडायबिटीज अक्सर चुपचाप बढ़ती रहती है। समय पर नियंत्रण न होने पर यह टाइप-2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं का कारण बन सकती है। प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और लंबी बैठने की आदतें इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं। उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है और शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
प्रीडायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें?
अच्छी खबर यह है कि सही समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव से प्रीडायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है।
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संतुलित आहार और पोषण पर ध्यान दें।
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सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम व्यायाम करें।
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वजन नियंत्रित रखें और नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखें।
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प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय कम करें।
ये छोटे बदलाव ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं और कई लोगों में इससे शुगर सामान्य स्तर पर वापस आ जाता है।