दिल्ली में 45 डिग्री तापमान के बीच अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहाल। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर दिल्ली को ‘अंधेरे में धकेलने’ का आरोप लगाया। जानें पूरा मामला।
दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट: 45 डिग्री तापमान में अघोषित पावर कट से लोग बेहाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन इस जानलेवा गर्मी के बीच दिल्लीवासियों को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, जहां लोग बार-बार हो रहे पावर कट को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
केजरीवाल सरकार की उपलब्धियां बनाम मौजूदा स्थिति
45 डिग्री की भीषण गर्मी में पूरी दिल्ली में पावर कट लग रहे हैं।
दिल्लीवाले बेहाल हैं। कभी भी लाइट कट जा रही है। सोशल मीडिया पर शिकायतें भरी पड़ी हैं लेकिन BJP सरकार सो रही है।
हमारी सरकार में दिल्ली में लोग पावर कट भूल चुके थे। इनवर्टर बिकने बंद हो गए थे। भाजपा ने सत्ता में आते… pic.twitter.com/Af03H5I8FY
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 20, 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं का आरोप है कि दिल्ली को जानबूझकर अंधेरे में धकेला जा रहा है। आप सरकार का दावा है कि उनके शासनकाल में दिल्ली में बिजली की स्थिति इतनी बेहतर हो गई थी कि लोगों ने पावर कट की समस्या को लगभग भुला दिया था। उस दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति के चलते इनवर्टर और जनरेटर की बिक्री तक काफी कम हो गई थी।
पार्टी का सीधा आरोप है कि सत्ता में वापसी के बाद भाजपा ने दिल्ली के विकास को 15 साल पीछे धकेल दिया है। नेताओं का कहना है कि जहां पहले बिजली की कमी का नामोनिशान नहीं था, वहीं आज मामूली गर्मी में ही घंटों के बिजली गुल होने से आम जनता का जीना दूभर हो गया है।
गर्मी का कहर और सरकारी तंत्र की सुस्ती
भीषण गर्मी में बिजली कटौती न केवल घरेलू जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि इससे कामगारों, छोटे व्यापारियों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिल्ली की जनता अपनी नाराजगी जता रही है, लेकिन आरोप है कि शासन स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है।
आप के समर्थकों का कहना है कि बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) पर कोई नियंत्रण नहीं है और जनता की शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि जब दिल्ली में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है, तो फिर बार-बार पावर कट क्यों लग रहे हैं?