प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 5 देशों के दौरे के आखिरी चरण में इटली की राजधानी रोम पहुंचे हैं। पीएम मेलोनी के साथ विला डोरिया पैम्फिली में होने वाली रणनीतिक बैठक की पूरी रिपोर्ट।
वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत और इटली के रिश्ते एक बेहद सुनहरे और रणनीतिक दौर में प्रवेश कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात को अपने पांच देशों के आधिकारिक और व्यस्त दौरे के आखिरी चरण में इटली की ऐतिहासिक राजधानी रोम पहुंचे। रोम के हवाई अड्डे पर कदम रखते ही पीएम मोदी का भव्य और गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की, जो दोनों देशों के बीच के गहरे राजनयिक प्रोटोकॉल और सम्मान को दर्शाता है।
इसके तुरंत बाद, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पीएम मोदी के लिए एक बेहद खास और आत्मीय संदेश पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!” (Welcome to Rome, my friend!). मेलोनी के इस व्यक्तिगत और गर्मजोशी से भरे संदेश ने न केवल दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच की बेहतरीन केमिस्ट्री और अच्छी दोस्ती को जगजाहिर किया, बल्कि इसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
ऐतिहासिक विला डोरिया पैम्फिली में होगी मेलोनी से मुलाकात
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ रोम के ऐतिहासिक और बेहद खूबसूरत ‘विला डोरिया पैम्फिली’ (Villa Doria Pamphili) में एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान दोनों नेता भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा देने के लिए गहन मंथन करेंगे। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के समापन पर दोनों देशों की ओर से एक व्यापक संयुक्त घोषणा पत्र (Joint Declaration) भी जारी किए जाने की पूरी उम्मीद है।
अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला (Sergio Mattarella) से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। अपनी इस यात्रा के उद्देश्य को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह भारत और इटली के बीच के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रिश्तों को और अधिक मजबूत तथा आधुनिक आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुकूल बनाने के मकसद से रोम आए हैं।
रोम में गूंजा “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचते ही वहां प्रवासी भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) का उत्साह सातवें आसमान पर दिखाई दिया। प्रधानमंत्री के दीदार के लिए भारी संख्या में भारतीय मूल के लोग, कामकाजी पेशेवर और छात्र होटल और हवाई अड्डे के बाहर घंटों पहले से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही पीएम मोदी उनके बीच पहुंचे, पूरा माहौल “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के गूंजते नारों से सराबोर हो गया।
पीएम मोदी ने भी हमेशा की तरह प्रोटोकॉल तोड़कर अपने प्रशंसकों और प्रवासी भारतीयों के पास जाकर उनका आभार व्यक्त किया और बेहद खुशी-खुशी उनसे हाथ मिलाया। इस दौरान एक बेहद भावुक और खूबसूरत पल तब देखने को मिला जब कुछ छोटे बच्चे प्रधानमंत्री का हाथ से बनाया हुआ सुंदर चित्र (स्केच) लेकर वहां पहुंचे। पीएम मोदी ने बच्चों की इस अद्भुत कला और प्रतिभा की न केवल सराहना की, बल्कि उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए उस चित्र पर अपने हस्ताक्षर (ऑटोग्राफ) भी दिए।
2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना पर काम
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को दोनों देशों के संबंधों में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा, “भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ रहा है। यह यात्रा दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार देगी।”
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे के बेहद करीब आ चुकी हैं। भारत और इटली मिलकर वर्ष 2025 से 2029 की ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना’ (Joint Strategic Action Plan) को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। इस पांच वर्षीय कूटनीतिक और आर्थिक योजना के तहत निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है:
- व्यापार और निवेश: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य।
- रक्षा और सुरक्षा: सैन्य साजो-सामान के सह-उत्पादन और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाना।
- स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार: ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ मिलकर तकनीकी विकास करना।
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष: अत्याधुनिक तकनीकों, एआई और स्पेस रिसर्च में साझा प्रोजेक्ट्स।
- पीपल-टू-पीपल टाइस: दोनों देशों के छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए आवाजाही को और सुगम बनाना।
व्यापार और निवेश के मोर्चे पर रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े
आर्थिक मोर्चे पर भारत और इटली के संबंध अपने सबसे बेहतरीन दौर में हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच का द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, निवेश के मामले में भी इटली भारत का एक बड़ा भागीदार बनकर उभरा है। अप्रैल 2000 से लेकर सितंबर 2025 के बीच इटली की कंपनियों द्वारा भारत में कुल 3.66 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) किया जा चुका है, जो भारत के ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेक्टर में लगा है।
मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत पूरी हुई है। इस पृष्ठभूमि में पीएम मोदी की यह इटली यात्रा पूरे यूरोप के साथ भारत के व्यापारिक और रणनीतिक हितों को साधने में बेहद निर्णायक साबित होगी। इससे पहले जून 2024 में पीएम मोदी G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने इटली के अपुलिया गए थे, और अब 2026 की यह द्विपक्षीय यात्रा दोनों देशों के बीच के भरोसे को और मजबूत करेगी।