प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन और ईरान युद्ध के जल्द समाधान के लिए संवाद और कूटनीति की अपील की। भारत-फिनलैंड सहयोग और वैश्विक शांति पर जोर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन और अमेरिका-इस्राइल-ईरान संघर्षों को तुरंत समाप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान सैन्य संघर्ष से नहीं हो सकता और संवाद तथा कूटनीति ही इसका एकमात्र रास्ता हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संदेश रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान दिया, जहां उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्व शांति और संघर्षों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
भारत-फिनलैंड सहयोग और समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति स्टब की मौजूदगी में हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इसके पहले, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर पर व्यापक वार्ता हुई।
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पीएम मोदी ने कहा, “एक स्वस्थ और सुरक्षित ग्रह हमारी साझा प्राथमिकता है। फिनलैंड के साथ मिलकर भारत में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच की मेजबानी करना हमारे सतत विकास प्रयासों को गति देगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और फिनलैंड कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं।
सैन्य संघर्ष से कोई समाधान नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि केवल सैन्य संघर्ष से कोई भी समस्या हल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्षों के शीघ्र अंत और स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन करेंगे। वैश्विक संस्थानों में सुधार और आतंकवाद के हर रूप का मुकाबला हमारी साझा प्रतिबद्धता है।”
भारत-फिनलैंड के मजबूत साझेदारी
पीएम मोदी ने भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचा सहयोग को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 2026 में भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचा और स्थिरता के क्षेत्र में भारत और फिनलैंड महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
प्रधानमंत्री ने नोकिया के मोबाइल नेटवर्क और फिनलैंड के आर्किटेक्ट के सहयोग से चिनाब नदी पर बनाए गए विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का उदाहरण देते हुए दोनों देशों के सामूहिक योगदान को भी सराहा।