पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा। प्रधानमंत्री को ‘महंगाई मानव’ बताते हुए राहुल ने क्या कहा? जानिए पूरी खबर।
देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच विपक्ष ने सरकार को घेरना तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईंधन की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री को “महंगाई मानव” करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान वादे करना और बाकी समय जनता की जेब पर डाका डालना ही सरकार का एकमात्र काम रह गया है।
“महंगाई मानव” का हमला: राहुल गांधी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राहुल गांधी ने हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि, “‘महंगाई मानव’ मोदी ने एक बार फिर वार किया है। वे पेट्रोल और डीजल की कीमतें किस्तों में बढ़ा रहे हैं ताकि लोगों की जेब चुपचाप कटी रहे।” गांधी ने दावा किया कि उन्होंने महीनों पहले आर्थिक संकट की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री उस समय चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही चुनाव समाप्त हुए, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर से बढ़ा दिए गए हैं।
महंगाई का दोहरा मार
15 मई को ईंधन की कीमतों में संशोधन प्रक्रिया फिर से शुरू होने के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम में कुल 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। सोमवार को हुई ताजा वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब सरकार ने दामों में इजाफा किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह लगातार बढ़ती कीमतें आम आदमी के बजट को बिगाड़ रही हैं और माल ढुलाई महंगी होने से हर जरूरी वस्तु की लागत बढ़ रही है।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
सरकारी तेल कंपनियां- इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का तर्क है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण वे दाम बढ़ाने पर मजबूर हैं। फरवरी के अंत से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसका प्रमुख कारण ईरान के साथ जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग में आ रही बाधाएं हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव और रुपये की कमजोरी ने भी आयात लागत को काफी बढ़ा दिया है।
विपक्ष का चुनावी आरोप
राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि तेल कंपनियों ने जानबूझकर चुनाव के दौरान कीमतों में स्थिरता बनाए रखी थी। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जो जनता के साथ एक तरह का धोखा है। हालांकि सरकार का पक्ष रहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के अनुसार ही घरेलू स्तर पर समायोजन करते हैं ताकि उपभोक्ताओं को अचानक बड़े झटकों से बचाया जा सके।