Paytm के शेयर गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 10 फीसदी तक टूट गए। UPI MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर के बजाय जनवरी 2027 से लागू होने की संभावित खबर से पेमेंट कंपनियों के शेयरों पर दबाव आया।
डिजिटल पेमेंट कंपनी One97 Communications के शेयरों में गुरुवार, 8 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट देखने को मिली। Paytm के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 10 फीसदी तक टूट गए। शेयर में यह कमजोरी UPI लेनदेन पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate यानी MDR व्यवस्था के लागू होने में दो महीने से ज्यादा की संभावित देरी की खबरों के बाद आई है। Paytm के अलावा Pine Labs और One MobiKwik Systems जैसी अन्य पेमेंट कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने प्रस्तावित UPI MDR व्यवस्था से मिलने वाले निकट अवधि के संभावित राजस्व लाभ को लेकर अपनी उम्मीदों का दोबारा आकलन किया।
15 अक्टूबर से लागू होना था नया MDR सिस्टम
प्रस्तावित UPI MDR व्यवस्था को पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना था। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन के लिए यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहने की बात कही गई है।
इस व्यवस्था की एक अहम बात यह है कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहने का प्रस्ताव है। यानी ग्राहक को भुगतान करते समय अलग से शुल्क नहीं देना होगा, जबकि पात्र मर्चेंट लेनदेन पर निर्धारित दर के अनुसार शुल्क वसूला जा सकता है।
Paytm के शेयरों में क्यों आई गिरावट?
Paytm और दूसरी भुगतान कंपनियों के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह MDR व्यवस्था के संभावित टलने को माना जा रहा है। निवेशकों को उम्मीद थी कि नया MDR ढांचा लागू होने के बाद उन मर्चेंट लेनदेन से अतिरिक्त राजस्व का रास्ता खुलेगा, जो अभी तक बिना MDR के प्रोसेस होते रहे हैं।
अगर व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू नहीं होती है और इसे आगे बढ़ाया जाता है, तो पेमेंट कंपनियों को अपेक्षित अतिरिक्त आय हासिल करने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। इसी वजह से बाजार में इन कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।
Paytm को क्यों माना जा रहा था संभावित लाभार्थी?
Paytm लंबे समय से डिजिटल भुगतान और मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में सक्रिय है। कंपनी के लिए मर्चेंट लेनदेन का बड़ा नेटवर्क MDR व्यवस्था के तहत अतिरिक्त राजस्व का संभावित स्रोत बन सकता है।
कंपनी ने पहले भी संकेत दिया था कि नया MDR ढांचा उन मर्चेंट ट्रांजैक्शन से अतिरिक्त आय पैदा कर सकता है, जिन पर पहले शुल्क नहीं लिया जाता था। ऐसे में MDR लागू होने की उम्मीद को Paytm के लिए भविष्य की कमाई के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा था।
अब यदि व्यवस्था अक्टूबर के बजाय अगले साल लागू होती है, तो अतिरिक्त राजस्व का लाभ भी आगे खिसक जाएगा। इसी उम्मीद में बदलाव को निवेशकों की प्रतिक्रिया की बड़ी वजह माना जा रहा है।
जनवरी 2027 तक टल सकता है MDR?
Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, MDR व्यवस्था को 1 जनवरी 2027 तक टालने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला आने वाले दिनों में होने की उम्मीद बताई गई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जा रहा है।
अगर 1 जनवरी 2027 से इसे लागू किया जाता है, तो 15 अक्टूबर 2026 से मिलने वाला अनुमानित राजस्व लाभ करीब ढाई महीने आगे बढ़ जाएगा। यही संभावना पेमेंट कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही है।
त्योहारी सीजन को लेकर क्यों हो रहा विचार?
MDR लागू करने में संभावित देरी के पीछे त्योहारी सीजन को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। अक्टूबर से देश में त्योहारी खरीदारी का दौर तेज हो जाता है और इस दौरान डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल काफी बढ़ता है।
रिटेल व्यापारियों के संगठनों की ओर से MDR को लेकर आपत्ति और विरोध की स्थिति के बीच सरकार त्योहारी सीजन के दौरान मर्चेंट्स पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालने से बचने पर विचार कर सकती है। ऐसे में प्रस्तावित व्यवस्था को जनवरी तक टालने की संभावना सामने आई है।
Pine Labs और MobiKwik पर भी असर
UPI MDR व्यवस्था केवल Paytm के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। Pine Labs और One MobiKwik Systems जैसी अन्य पेमेंट कंपनियां भी संभावित व्यवस्था से प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि MDR में देरी की खबरों के बाद इन कंपनियों से जुड़े शेयरों में भी दबाव देखा गया।
निवेशक अब यह आकलन कर रहे हैं कि MDR व्यवस्था कब लागू होगी और इससे भुगतान कंपनियों की आय पर कितना असर पड़ेगा। खास तौर पर उन कंपनियों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, जिनके कारोबार में मर्चेंट पेमेंट की बड़ी भूमिका है।
निवेशकों की नजर अब अंतिम फैसले पर
Paytm Share Price में आई तेज गिरावट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि डिजिटल पेमेंट कंपनियों की भविष्य की कमाई से जुड़ी नीतिगत घोषणाएं शेयर बाजार को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं। प्रस्तावित MDR व्यवस्था के लागू होने से कंपनियों को अतिरिक्त राजस्व का अवसर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन संभावित देरी ने उस उम्मीद को फिलहाल आगे खिसका दिया है।
अब बाजार की नजर अंतिम निर्णय पर रहेगी। यदि MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर के बजाय जनवरी 2027 से लागू होती है, तो Paytm, Pine Labs और One MobiKwik जैसी कंपनियों को संभावित राजस्व लाभ के लिए अतिरिक्त समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम तस्वीर आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।