दिल्ली विधानसभा में कुलदीप कुमार को मार्शल आउट किए जाने के दौरान प्रवेश वर्मा की कथित टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया। AAP ने इसे दलित विधायक के प्रति अपमानजनक व्यवहार बताया।
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद BJP मंत्री प्रवेश वर्मा की कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्हें और अन्य AAP विधायकों को सदन से मार्शल आउट किया जा रहा था, तब प्रवेश वर्मा ने मार्शलों से कथित तौर पर कहा, “Oh Marshal… pick them up and throw them out” यानी उन्हें उठाकर बाहर फेंक दो।
कुलदीप कुमार ने इस टिप्पणी को लेकर BJP पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह भाषा एक दलित विधायक के प्रति BJP नेताओं की मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित है।
‘दलित विधायक की आवाज इन्हें बर्दाश्त नहीं’
कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि BJP नेताओं को एक दलित विधायक का सरकार के खिलाफ आवाज उठाना पसंद नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसके बजाय उसके विधायकों को सदन से बाहर किया जा रहा है।
AAP नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि जब छोटी उम्र के बच्चों से भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा जाता है, तो क्या BJP के नेताओं द्वारा कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने पूछा कि क्या सत्ता पक्ष के नेताओं के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल करने के बाद भी सब कुछ माफ है।
चावल घोटाले के आरोप को लेकर हुआ हंगामा
“ओ मार्शल.. इनको फेंको उठाकर”
ये भाषा है बीजेपी मंत्री प्रवेश वर्मा की एक दलित विधायक @KuldeepKumarAAP जी के लिए। एक दलित का इनके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना इनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा।
मोदी जी आप तो 15 साल के बच्चों से भी माफ़ी मंगवा लेते हैं। आपके ये नेता जो खुलेआम बत्तमीज़ी कर रहे,… pic.twitter.com/nf1zRw1VXZ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 11, 2026
यह विवाद उस समय सामने आया जब दिल्ली विधानसभा में AAP विधायक कथित चावल घोटाले को लेकर विरोध कर रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, AAP के कुछ विधायक चावल लेकर सदन में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कुलदीप कुमार समेत कई AAP विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर करने का आदेश दिया।
मार्शल आउट की कार्रवाई के दौरान कुलदीप कुमार को बाहर ले जाने को लेकर स्थिति और गरमा गई। इसी दौरान प्रवेश वर्मा की कथित टिप्पणी सामने आई, जिसे AAP ने आपत्तिजनक बताते हुए BJP पर हमला तेज कर दिया। घटना के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
AAP ने लगाया ‘दलित विरोधी’ होने का आरोप
AAP ने प्रवेश वर्मा की कथित टिप्पणी को दलित विधायक के प्रति अपमानजनक बताते हुए सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा में चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए, चाहे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कितने भी मतभेद क्यों न हों।
AAP की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि विधानसभा में विपक्षी विधायकों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि जब विधायक सरकार से सवाल पूछते हैं और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
हालांकि, प्रवेश वर्मा की टिप्पणी और पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के बयान सामने आए हैं। इसलिए मामले में दोनों पक्षों का पूरा संदर्भ महत्वपूर्ण है।
BJP और AAP के बीच बढ़ा टकराव
दिल्ली विधानसभा के मौजूदा सत्र में BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है। दवा खरीद, साइकिल खरीद और चावल से जुड़े कथित घोटालों को लेकर AAP सरकार को घेर रही है। वहीं, BJP का रुख है कि विपक्ष विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रहा है।
हाल के दिनों में AAP विधायकों के विधानसभा से मार्शल आउट किए जाने की घटनाओं ने भी राजनीतिक विवाद को बढ़ाया है। रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों और सदन में हंगामे के दौरान कई AAP विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कुलदीप कुमार ने मोदी से पूछा सवाल
कुलदीप कुमार ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या BJP के नेताओं द्वारा कथित तौर पर की गई अभद्र भाषा पर भी कोई जवाबदेही तय होगी। उनका आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं और विधायकों के खिलाफ सख्ती दिखा रही है, लेकिन अपने नेताओं के व्यवहार पर चुप है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा जनता की आवाज उठाने का मंच है। अगर विपक्ष सरकार की नीतियों या किसी कथित घोटाले पर सवाल करता है, तो उसका जवाब बहस और तथ्यों के जरिए दिया जाना चाहिए, न कि कथित तौर पर अपमानजनक भाषा या मार्शल आउट के जरिए।
विवाद के बीच सियासी बयानबाजी तेज
कुलदीप कुमार के आरोपों ने दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। AAP इस घटना को सामाजिक सम्मान और विपक्ष के अधिकारों से जोड़ रही है, जबकि विधानसभा में हंगामे और मार्शल आउट की कार्रवाई का मुद्दा अलग राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रवेश वर्मा की कथित टिप्पणी को लेकर BJP की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की जाती है। वहीं AAP ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को विधानसभा के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर भी उठाती रहेगी। दिल्ली विधानसभा में पहले से चल रहे दवा, साइकिल और चावल से जुड़े आरोपों के बीच यह विवाद BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ाता नजर आ रहा है।