प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगाँठ पर भारतीय सेना के साहस को सलाम किया। जानिए कैसे 2025 में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी लॉन्च पैड्स तबाह कर 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया था।
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर (DP) बदलकर “ऑपरेशन सिंदूर” कर दी। यह बदलाव पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए सैन्य अभियान की वर्षगाँठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और वीरता को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया है। विदित हो कि पहलगाम हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत ने कड़ा सैन्य रुख अपनाया था।
सैन्य कार्रवाई और पाकिस्तान को करारा जवाब
A year ago, during #OperationSindoor, our armed forces showcased their valour and gave a firm response to those who attacked our people. Every Indian is proud of our armed forces. As a mark of respect to our forces and their success during #OperationSindoor, let us all change our… pic.twitter.com/w4A3j1bGTw
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
7 मई, 2025 को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर जोरदार प्रहार किया था। इस सटीक कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 प्रमुख लॉन्च पैड्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया और 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। जब पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और गोलाबारी के जरिए उकसावे की कोशिश की, तो भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर और गुजरांवाला के पास स्थित पाकिस्तानी रडार इंस्टॉलेशन को नष्ट कर दिया। अंततः भारी नुकसान झेलने के बाद, पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया और 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर सशस्त्र बलों के बलिदान को याद किया। उन्होंने ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय संकल्प और तैयारी का एक शक्तिशाली प्रतीक है। उन्होंने इसे आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक मानक बताते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हमारी सेनाओं के बीच सटीक तालमेल (Synergy) और संयुक्त कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण था। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र की रक्षा के प्रति सेना के समर्पण को सलाम करते हुए उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
रणनीतिक जीत और भविष्य के लिए मानक
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसने दक्षिण एशिया में भारत की रणनीतिक श्रेष्ठता को भी स्थापित किया। आधुनिक युद्ध तकनीक, सटीक खुफिया जानकारी और वायुसेना व थल सेना के बीच ‘डीप सिनर्जी’ ने यह सुनिश्चित किया कि नागरिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाए बिना दुश्मन के आतंकी बुनियादी ढांचे को जड़ से मिटा दिया जाए। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन भविष्य के काउंटर-टेररिज्म अभियानों के लिए एक ‘ब्लूप्रिंट’ के रूप में काम करेगा, जिसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
राष्ट्रीय एकता और अटूट संकल्प का संदेश
इस ऑपरेशन की पहली वर्षगाँठ पर देश भर में देशभक्ति का माहौल है। प्रधानमंत्री द्वारा अपनी डीपी (DP) बदलना और रक्षा मंत्री का संबोधन यह दर्शाता है कि सरकार सेना के मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टोलरेंस की नीति को पुख्ता किया, बल्कि कश्मीर में शांति बहाली की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। आज पूरा देश उन वीर जवानों को नमन कर रहा है जिन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कमर तोड़ने में अपनी जान की बाजी लगा दी।