एनवीडिया ने भारत में अपने 10,000 कर्मचारियों को ‘जेन्सन स्पेशल ग्रांट’ के तहत 1 करोड़ रुपये तक के शेयर दिए हैं। जानिए इस स्टॉक ग्रांट और कंपनी की नई सैलरी पॉलिसी के बारे में।
एनवीडिया (Nvidia) ने भारत में अपने कर्मचारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। कंपनी ने अपने अधिकांश भारतीय कार्यबल को एकमुश्त स्टॉक ग्रांट (Stock Grant) से नवाजा है, जिसकी वैल्यू 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक है।
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एनवीडिया का भारतीय कर्मचारियों को बम्पर तोहफा: ‘जेन्सन स्पेशल ग्रांट’ के तहत 1 करोड़ रुपये तक के शेयर आवंटित
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिप डिजाइनिंग की दुनिया की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) ने अपने भारतीय कर्मचारियों को मालामाल कर दिया है। कंपनी के सीईओ जेन्सन हुआंग (Jensen Huang) ने “जेन्सन स्पेशल ग्रांट” के तहत कर्मचारियों को अतिरिक्त स्टॉक यूनिट्स (RSUs) देने का फैसला किया है।
क्या है ‘जेन्सन स्पेशल ग्रांट’?
साल 2024 में शुरू की गई यह पहल कर्मचारियों के लॉन्ग-टर्म मुआवजे को बढ़ाने के लिए तैयार की गई है।
- अतिरिक्त लाभ: इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी मूल ‘रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स’ (RSUs) का अतिरिक्त 25% हिस्सा दिया जा रहा है।
- कितने कर्मचारियों को फायदा: सैलरी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म 6figr के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 10,000 कर्मचारियों को इस ग्रांट का लाभ मिला है।
कैसे होगा भुगतान? (वेस्टिंग स्ट्रक्चर)
यह स्टॉक अवार्ड एक बार में नहीं, बल्कि अगले चार सालों में धीरे-धीरे कर्मचारियों को मिलेगा:
इसकी शुरुआत सितंबर 2024 से हो चुकी है।
यह साल 2028 तक हर तिमाही (Quarterly) किस्तों में कर्मचारियों के खाते में क्रेडिट होगा।
इन शेयरों की अंतिम कीमत एनवीडिया के शेयर की भविष्य की वैल्यू और डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करेगी।
करोड़ों में पहुंच रही है कुल कमाई
एनवीडिया में काम करने वाले एक मिड-लेवल इंजीनियर को उनकी सालाना सैलरी और बोनस के अलावा, इस स्पेशल ग्रांट के रूप में करीब 5.3 लाख रुपये के अतिरिक्त शेयर मिले हैं। कई वरिष्ठ पदों पर तो कर्मचारियों की कुल अनवेस्टेड इक्विटी (वह शेयर जो उन्हें भविष्य में मिलेंगे) की वैल्यू 1 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई है।
सैलरी से ज्यादा शेयरों पर जोर
यह कदम वैश्विक तकनीकी कंपनियों की बदलती रणनीति को दर्शाता है। विशेष रूप से AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में प्रतिभाओं को रोकने के लिए अब केवल फिक्स्ड सैलरी काफी नहीं है।
- सैलरी स्ट्रक्चर: एनवीडिया में कुल वेतन का 50% से 75% हिस्सा स्टॉक के रूप में होता है।
- भारत बना टैलेंट हब: भारत अब AI और चिप डिजाइन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहाँ वरिष्ठ इंजीनियरों का वार्षिक पैकेज 2 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों (Equity) का होता है।