भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने विपक्ष पर ‘उत्तर-दक्षिण’ की राजनीति करने और महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाया है। जानिए क्यों उन्होंने विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ करार दिया।
नितिन नबीन के हालिया बयान ने भारतीय राजनीति में ‘आधी आबादी’ की भूमिका को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की है कि विपक्ष का विरोध अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह महिला सशक्तिकरण के खिलाफ एक रुख बनता जा रहा है। उनके अनुसार, जब विपक्ष केंद्र की नीतियों या सुधारों का विरोध करता है, तो वे अनजाने में उन करोड़ों महिलाओं के अवसरों को चुनौती दे रहे होते हैं जिनके लिए ये नीतियां बनाई गई हैं।
विपक्ष का मोदी विरोध और ‘आधी आबादी’ का हित
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने नेटवर्क18 के साथ एक विशेष साक्षात्कार में विपक्षी दलों की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति राजनीतिक द्वेष में विपक्ष इतना अंधा हो गया है कि वह देश की ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं के हितों की भी अनदेखी कर रहा है। नबीन ने तर्क दिया कि भाजपा की योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर महिलाओं तक पहुँच रहा है, और ऐसे में विपक्ष का नकारात्मक रुख केवल सरकार का नहीं, बल्कि उन महिलाओं का विरोध है जो देश की प्रगति का आधार हैं।
महिला आरक्षण विधेयक: सामूहिक प्रयास और श्रेय की राजनीति
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर नितिन नबीन ने सरकार की मंशा साफ की। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक सुधार किसी बंद कमरे में लिया गया एकतरफा फैसला नहीं था, बल्कि इसके लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ व्यापक परामर्श और ‘कई दौर की चर्चा’ की गई थी। नबीन ने प्रधानमंत्री मोदी के उस उदार रुख की भी याद दिलाई जब उन्होंने संसद में खुले दिल से कहा था कि वे इस विधेयक की सफलता का श्रेय विपक्ष को भी देने के लिए तैयार हैं। सरकार का उद्देश्य इसे दलीय राजनीति से ऊपर उठकर एक साझा राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में स्थापित करना था।
परिसीमन विवाद: क्षेत्रीय विभाजन और कानूनी आधार
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे परिसीमन (Delimitation) के सवालों पर नबीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने याद दिलाया कि जिस परिसीमन कानून की आज आलोचना की जा रही है, उसका कानूनी ढांचा स्वयं विपक्षी दलों ने तैयार किया था जब वे केंद्र की सत्ता में थे। उन्होंने विपक्ष पर ‘उत्तर बनाम दक्षिण’ का कार्ड खेलकर देश को क्षेत्रीय आधार पर बांटने का आरोप लगाया। नबीन के अनुसार, यह विभाजनकारी राजनीति केवल चुनावी लाभ के लिए संघीय ढांचे और राष्ट्रीय एकता में दरार पैदा करने की एक कोशिश है।
नया राजनीतिक ध्रुवीकरण: महिला मतदाता और भविष्य की रणनीति
नितिन नबीन के बयानों से यह स्पष्ट है कि भाजपा आगामी चुनावों में महिलाओं को एक स्वतंत्र और सबसे महत्वपूर्ण ‘वोटर सेगमेंट’ के रूप में देख रही है। पार्टी की रणनीति अब महिलाओं को यह समझाने की है कि उनकी राजनीतिक भागीदारी और सुरक्षा के बीच सबसे बड़ा रोड़ा विपक्ष का ‘विरोध के लिए विरोध’ वाला रवैया है। आने वाले समय में संसद में प्रतिनिधित्व और चुनावी रणनीति के हर केंद्र में महिला सशक्तिकरण का मुद्दा हावी रहने वाला है, जिसे भाजपा अपने जनसंपर्क का मुख्य आधार बनाएगी।