भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से विकास कर रहा है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक यह सेक्टर 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्क को पार कर जाएगा। वर्तमान में मैन्युफैक्चरिंग भारत की GDP का करीब 17% हिस्सा है, और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है।
इस सेक्टर की बढ़ती अहमियत को देखते हुए निप्पॉन इंडिया ने यह फंड लॉन्च किया है, जो उन कंपनियों में निवेश करता है जो मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं। यह फंड Nifty India Manufacturing Index पर आधारित है, जिसमें कैपिटल गुड्स, ऑटो, मेटल्स, हेल्थकेयर, और केमिकल्स जैसे सेक्टर्स की प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर सरकार की कई योजनाएं जैसे PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव), मेक इन इंडिया और सस्ती मजदूरी की सुविधा इसे वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक बना रही हैं। Apple जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी अपने प्रोडक्शन को भारत में शिफ्ट कर रही हैं, जिससे देश को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का मौका मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिहाज से भी भारत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी से एफडीआई (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) प्राप्त कर रहा है। पिछले दस वर्षों में एफडीआई में लगभग 69% की वृद्धि हुई है।
यह फंड निवेशकों को कम लागत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की डाइवर्सिफाइड टोकरी में निवेश करने का मौका देता है। इसे ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और इंडेक्स फंड दोनों रूपों में खरीदा जा सकता है। ETF में दिनभर ट्रेडिंग की सुविधा है, जबकि इंडेक्स फंड SIP के जरिए निवेश की सुविधा प्रदान करता है।
जो निवेशक भारत की तेजी से बढ़ती इंडस्ट्रियल ग्रोथ में हिस्सा लेना चाहते हैं, उनके लिए यह फंड एक बेहतरीन अवसर है। लंबे समय तक टिकाऊ आर्थिक विकास के आधार पर निवेश करने वालों के लिए यह फंड उचित विकल्प साबित होगा।