नीट-सीयूईटी पेपर लीक और परीक्षा अव्यवस्था पर AAP नेता गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर AAP का बड़ा बयान।
देश भर में आयोजित होने वाली NEET और CUET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, तकनीकी खामियों और अव्यवस्था के मामलों ने छात्रों और युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करार दिया है। दिल्ली प्रदेश संयोजक और कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि जब परीक्षाओं को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने के लिए सेना की मदद लेने की नौबत आ जाए, तो यह शिक्षा व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाता है।
युवाओं का भविष्य संकट में: गोपाल राय
इतिहास गवाह है कि जब भी छात्र और युवा शक्ति ने अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई है, तब-तब सत्ता के अहंकार को झुकना पड़ा है।
NEET से लेकर CUET तक, लगातार पेपर लीक, तकनीकी खामियों और अव्यवस्था ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। यह बेहद चिंताजनक है कि देश में परीक्षाएँ… pic.twitter.com/NL4UNV2D15
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 1, 2026
गोपाल राय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि “इतिहास गवाह है कि जब भी छात्र और युवा शक्ति ने अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई है, तब-तब सत्ता के अहंकार को झुकना पड़ा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही गड़बड़ियों से करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में है। परीक्षा प्रणाली की बदहाली को लेकर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
“जवाबदेही तय हो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें”
आम आदमी पार्टी का स्पष्ट रुख है कि शिक्षा व्यवस्था की इस विफलता के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है। गोपाल राय ने मांग की है कि इस बड़े घोटाले और अव्यवस्था के लिए शिक्षा मंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। AAP नेताओं का कहना है कि जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
गोपाल राय ने इस बात पर चिंता जताई कि परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए अब सेना तक का सहारा लेने की चर्चा चल रही है, जो सरकार की अक्षमता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज़ दबाने के बजाय उन्हें न्याय दिलाने और परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने पर ध्यान दे।
प्रमुख मुद्दे:
- पेपर लीक का सिलसिला: नीट और सीयूईटी में लगातार हो रहे लीक से छात्रों में भारी आक्रोश है।
- तकनीकी खामियां: परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल।
- नैतिक जवाबदेही: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर AAP का आक्रामक रुख।
- छात्रों का आंदोलन: देश भर में छात्रों द्वारा अन्याय के खिलाफ की जा रही लामबंदी का समर्थन।