Table of Contents
सीएम नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन 2047’ की बैठक ली। युवाओं को स्किल और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधा देने पर रहेगा जोर।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन 2047’ को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु श्रम, खेल, युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता विभाग की आगामी योजनाएं और अगले पांच वर्षों का रोडमैप तैयार करना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार एक ठोस और दूरदर्शी नीति के साथ आगे बढ़ रही है।
युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में आज ‘हरियाणा विजन 2047’ के अंतर्गत एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रम, खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की आगामी योजनाओं और अगले पांच वर्षों के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा हुई।
“आने वाले समय में विश्वस्तरीय सुविधाओं के माध्यम… pic.twitter.com/gAncGa3p4X
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 27, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ‘स्किल-बेस्ड’ (कौशल आधारित) शिक्षा देकर रोजगार के योग्य बनाना है। उन्होंने कहा, “युवाओं को स्किल से जोड़कर उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य है।” उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे ऐसी प्रशिक्षण योजनाएं तैयार करें जो उद्योग जगत की वर्तमान जरूरतों को पूरा कर सकें।
खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं
खेल क्षेत्र पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा से देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। अब आने वाले समय में खिलाड़ियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं (World-class facilities) का विस्तार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके। इसके लिए आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की कार्ययोजना का अहम हिस्सा है।
विजन 2047: भविष्य का रोडमैप
‘हरियाणा विजन 2047’ के अंतर्गत, अगले पांच वर्षों के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है ताकि राज्य में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे इस विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य करें ताकि हरियाणा को एक ‘विकसित राज्य’ के रूप में स्थापित किया जा सके।
उद्यमिता और श्रम कल्याण पर ध्यान
बैठक में श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम शक्ति राज्य की प्रगति का आधार है, इसलिए श्रमिकों के कौशल विकास और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए नई पहल शुरू की जानी चाहिए। सरकार का यह प्रयास है कि हरियाणा का युवा न केवल नौकरी ढूंढे, बल्कि वह नौकरी देने वाला (Job Provider) भी बने।