हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्राम स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानने के लिए नई योजना शुरू की। पंचायत, स्कूल और खेल विभाग मिलकर बच्चों को तैयार करेंगे।
हरियाणा, जो पहले से ही खेलों के ‘पावर हाउस’ के रूप में विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुका है, अब इस क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान ‘ग्राम स्तर’ (Grassroot level) से की जाएगी। इस योजना के तहत बच्चे की रुचि के अनुसार उन्हें तराशने का जिम्मा पंचायत, स्कूल और खेल विभाग मिलकर उठाएंगे।
“हर बच्चे के अंदर छिपा है एक खिलाड़ी”
खेलों का पावर हाउस बन चुके हरियाणा में अब खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों की ग्राम स्तर पर पहचान की जाएगी और बच्चे की पसंद के खेल में उन्हें तैयार किया जाएगा। इसके लिए पंचायत, स्कूल व खेल विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
– श्री @NayabSainiBJP, मुख्यमंत्री #Haryana…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 28, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी आज पूरी दुनिया में तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं, लेकिन अब हमारा लक्ष्य यह है कि गांव का कोई भी प्रतिभावान बच्चा सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहे। सीएम ने स्पष्ट किया, “हमारा उद्देश्य ग्राम स्तर पर बच्चे की खेल के प्रति रुचि को पहचानना और उसे शुरुआती दौर से ही पेशेवर प्रशिक्षण देना है।”
त्रि-स्तरीय साझेदारी का फार्मूला: पंचायत, स्कूल और खेल विभाग
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार एक मजबूत तंत्र बना रही है:
- पंचायत की भूमिका: गांव के खेल मैदानों को बेहतर बनाना और खेल गतिविधियों के लिए माहौल तैयार करना।
- स्कूलों का सहयोग: शारीरिक शिक्षा के माध्यम से बच्चों में खेलों के प्रति उत्साह जगाना और शुरुआती प्रतिभाओं को चिन्हित करना।
- खेल विभाग का मार्गदर्शन: चिन्हित बच्चों को खेल विभाग द्वारा आधुनिक प्रशिक्षण, कोच और संसाधन उपलब्ध कराना ताकि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
खेल संस्कृति को और मजबूती
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार का विजन न केवल पदक जीतना है, बल्कि प्रदेश के हर युवा को शारीरिक रूप से फिट और नशामुक्त बनाना भी है। खेल विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में बच्चों की पसंद के खेल में उनकी नैसर्गिक क्षमता को और निखारा जाएगा।
इस कदम से हरियाणा में एक ऐसी खेल संस्कृति विकसित होगी जहाँ छोटे से छोटे गांव का बच्चा भी अंतरराष्ट्रीय मंच के सपने देख सकेगा। आने वाले समय में, यह योजना हरियाणा को खेलों में एक अजेय शक्ति बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।