हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के विशेष सत्र में शोक प्रस्ताव पेश किया। सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन सदन का माहौल उस समय गमगीन हो गया जब मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत आत्माओं की स्मृति में शोक प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली दिवंगत विभूतियों के प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके जीवन और समाज के प्रति उनके समर्पण को स्मरण किया। सदन ने सर्वसम्मति से इन प्रस्तावों को पारित किया और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संबोधन: “अपूरणीय क्षति”
सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश और देश ने कुछ ऐसी हस्तियों को खो दिया है जिनकी कमी हमेशा खलेगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं के जीवन दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। शोक प्रस्ताव पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से उन्हें यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
सदन की सर्वसम्मति और सामूहिक श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए शोक प्रस्ताव का सदन के सभी सदस्यों ने समर्थन किया। शोक प्रस्ताव के दौरान सदन में उन नेताओं, समाजसेवियों और वीर जवानों को भी याद किया गया जिन्होंने अपनी सेवाओं से हरियाणा और राष्ट्र का मान बढ़ाया। विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष के नेताओं ने भी शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। इसके पश्चात, सदन की कार्यवाही में शामिल सभी सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इस शोक प्रस्ताव के पारित होने के साथ ही सदन ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान और उनकी स्मृति सदा जीवित रखी जाएगी।