CM नायब सिंह सैनी ने पटियाला के समाना में गौ कथा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने हरियाणा में गौशालाओं की संख्या 650 और गौ संरक्षण बजट ₹600 करोड़ होने की जानकारी दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के पटियाला जिले के समाना में आयोजित गौ कथा कार्यक्रम में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे भारत की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन को लेकर हरियाणा सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इस दिशा में पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
समाना में गौ कथा कार्यक्रम में शामिल हुए CM सैनी
पटियाला जिले के समाना में आयोजित गौ कथा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक परंपरा, श्रद्धा और साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया।
गौ कथा के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान और उनके संदेश को याद किया। मुख्यमंत्री ने भी इस अवसर पर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित आयोजन
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने पंजाब के पटियाला जिले के समाना में आयोजित गौ कथा कार्यक्रम में श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित यह आयोजन हमारी गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 9, 2026
कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन त्याग, मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। साथ ही ये कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को संतों और गुरुओं के जीवन एवं संदेशों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गौ संरक्षण को लेकर हरियाणा सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गौ संरक्षण और संवर्धन को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में गौ संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे और बजट को मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में करीब 200 गौशालाएं थीं और गौ संरक्षण के लिए वार्षिक बजट लगभग ₹2 करोड़ था। वर्तमान में राज्य में गौशालाओं की संख्या बढ़कर करीब 650 हो गई है और सरकार ने इनके लिए बजट को बढ़ाकर ₹600 करोड़ कर दिया है।
गौशालाओं की संख्या में बढ़ोतरी का दावा
CM सैनी ने कहा कि हरियाणा में गौशालाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके मुताबिक, जहां पहले राज्य में लगभग 200 गौशालाएं थीं, वहीं अब इनकी संख्या करीब 650 तक पहुंच गई है।
सरकार का उद्देश्य गौ संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना और गौशालाओं को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। इसके लिए बजट में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
₹600 करोड़ के बजट से गौ संरक्षण को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि गौ संरक्षण के लिए हरियाणा सरकार की ओर से बजट को काफी बढ़ाया गया है। उनके अनुसार, पहले जहां इसके लिए करीब ₹2 करोड़ का वार्षिक बजट था, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹600 करोड़ किया गया है।
सरकार का कहना है कि बढ़े हुए बजट से गौशालाओं की सुविधाओं, प्रबंधन और गोवंश के संरक्षण से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य में गौ संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
साझा सांस्कृतिक विरासत का संदेश
समाना में आयोजित कार्यक्रम के जरिए आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का संदेश भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाएं और बलिदान समाज को मानवता, सहिष्णुता और त्याग की प्रेरणा देते हैं।
गौ कथा जैसे धार्मिक आयोजन भी भारतीय परंपरा और संस्कृति से जुड़े विषयों को समाज के बीच पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी प्रमुख रहा।
गौ संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है।
समाना के गौ कथा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की भागीदारी ने पंजाब और हरियाणा की साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित यह आयोजन श्रद्धा, आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संदेश के साथ संपन्न हुआ।