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CM नायब सिंह सैनी ने 14 देशों के विदेशी छात्रों से संवाद कर नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। विदेशी विश्वविद्यालयों से MoU और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 देशों से आए विदेशी छात्रों के साथ संवाद किया और उनके हरियाणा में शिक्षा एवं अध्ययन से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से बदलती दुनिया और नई तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार केवल G2G यानी Government-to-Government संबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि देशों के बीच Heart-to-Heart रिश्तों को भी मजबूत करने पर विश्वास करती है।
विदेशी छात्र बनें हरियाणा के ‘ब्रांड एंबेसडर’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेशी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे हरियाणा से शिक्षा और यहां की संस्कृति एवं मूल्यों को अपने साथ लेकर जाएं और अपने-अपने देशों में राज्य के ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के माध्यम से विभिन्न देशों के बीच लोगों के स्तर पर संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी छात्र जब अपने देश वापस जाएं तो वे हरियाणा में मिले अनुभवों और यहां की शिक्षा व्यवस्था के बारे में अपने साथियों और समाज के अन्य लोगों को भी बताएं। इससे हरियाणा और अन्य देशों के बीच आपसी समझ तथा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने की अपील
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने 14 देशों के विदेशी विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नई तकनीक और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा, “हरियाणा सरकार केवल जी-टू-जी नहीं, बल्कि हार्ट-टू-हार्ट संबंधों में विश्वास रखती… pic.twitter.com/sObR0kiLqg
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 19, 2026
नायब सिंह सैनी ने युवाओं से नई तकनीक और तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ नए कौशल हासिल करना जरूरी है। शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को अपनाकर युवा अपने लिए बेहतर अवसर तैयार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विदेशी छात्रों के साथ बातचीत के दौरान शिक्षा, तकनीक, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच संवाद से अलग-अलग देशों की शिक्षा प्रणालियों और सामाजिक व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिलता है।
विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ बढ़ेगा शैक्षणिक सहयोग
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के विश्वविद्यालयों और विदेशी विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को और बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग और MoU (Memorandum of Understanding) के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक समझौते होने से छात्र आदान-प्रदान, शोध, प्रशिक्षण और अकादमिक सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं। हरियाणा सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और राज्य के विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।
शिक्षा को वैश्विक स्तर से जोड़ने की पहल
हरियाणा सरकार राज्य में उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रही है। विदेशी छात्रों की मौजूदगी से राज्य के विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय वातावरण विकसित करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही अलग-अलग देशों के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न समाजों और संस्कृतियों को जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया भी है। विदेशी छात्रों के अनुभवों से हरियाणा के विद्यार्थियों को भी अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण हासिल करने का अवसर मिल सकता है।
G2G से आगे Heart-to-Heart रिश्तों पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार देशों के बीच संबंधों को केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं मानती। सरकार का प्रयास है कि लोगों और युवाओं के बीच भी मजबूत संबंध विकसित हों। उन्होंने इसी सोच को ‘G2G नहीं, Heart-to-Heart Relations’ के रूप में सामने रखा।
उन्होंने कहा कि विदेशी छात्र हरियाणा में शिक्षा हासिल करते हुए राज्य की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को करीब से समझें। बाद में जब वे अपने देशों में लौटें तो इन अनुभवों को साझा करें। इससे हरियाणा की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया। विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ नए समझौते होने से हरियाणा के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध और एक्सचेंज प्रोग्राम के अवसर बढ़ सकते हैं।
हरियाणा सरकार की ओर से विदेशी छात्रों के साथ संवाद और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने की पहल को राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नई तकनीक अपनाने, बदलती दुनिया के अनुरूप खुद को तैयार करने और हरियाणा तथा अपने देशों के बीच दोस्ती के मजबूत सेतु के रूप में काम करने का संदेश दिया।