मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट ने नई पारदर्शी प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था, टाउन प्लानिंग स्कीम और प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी विकास, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इमारतों और भूमि पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के लिए नई, सरल और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।
प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था होगी अधिक सरल और पारदर्शी
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, नगर निकाय क्षेत्रों में स्थित भवनों और भूमि पर प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए नई प्रणाली लागू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। इससे कर निर्धारण और वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
नगर क्षेत्रों के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी
मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण फैसलें!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की सीमा में स्थित भवनों एवं भूमि पर संपत्ति कर लगाने के लिए नई, सरल और पारदर्शी प्रणाली को मंजूरी दी गई।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 28, 2026
बैठक में नगर क्षेत्रों में आवासीय प्लॉटेड हाउसिंग के विकास के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम को भी मंजूरी दी गई। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित आवासीय विकास को बढ़ावा देना और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ योजनाबद्ध कॉलोनियों का विकास सुनिश्चित करना है।
‘प्रोग्रेसिव MSME एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ को हरी झंडी
कैबिनेट ने ‘प्रोग्रेसिव MSME एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ को भी मंजूरी दी। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रोत्साहित करना, निवेश आकर्षित करना, निर्यात बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि यह नीति हरियाणा की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विकास और सुशासन पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी प्रशासन, सुगम सेवाओं और आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। कैबिनेट के इन निर्णयों से शहरी विकास को गति मिलेगी, उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।