CM नायब सिंह सैनी ने लाडवा (कुरुक्षेत्र) में अंत्योदय मेले का उद्घाटन कर लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि कोई गरीब अवसरों से वंचित नहीं रहेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित आईजीएन (IGN) कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ के तहत जिला स्तरीय अंत्योदय मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेले में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद किया।
मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने गोविंदपुरा गांव के निवासी एवं स्ट्रीट वेंडर ताराचंद को ‘पीएम स्वनिधि योजना’ (PM Street Vendor Scheme) के तहत ऋण स्वीकृति पत्र सौंपा।
अंत्योदय मेले: उम्मीद, अवसर और स्वावलंबन के मंच
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने कुरुक्षेत्र के लाडवा के आईजीएन कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत लगाए गए मेले का उद्घाटन किया और गांव गोबिंदपुरा निवासी लाभार्थी ताराचंद को पीएम स्ट्रीट वैंडर योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किया।… pic.twitter.com/LYgrr3vuhx
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 26, 2026
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य की डबल-इंजन सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को धरातल पर मजबूती से उतार रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प पूरी तरह से स्पष्ट और दृढ़ है कि प्रदेश का कोई भी गरीब व्यक्ति पीछे न छूटे, किसी भी जरूरतमंद को अवसरों से वंचित न रहना पड़े और न ही संसाधनों, पहुंच या सही जानकारी के अभाव में किसी परिवार की प्रगति रुके।
मुख्यमंत्री ने अंत्योदय मेलों को “उम्मीद, अवसर और स्वावलंबन के मेले” करार दिया। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य भर में आयोजित मेलों के माध्यम से 55,000 से अधिक गरीब परिवारों को स्वरोजगार, कौशल विकास और वित्तीय सहायता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
एक ही छत के नीचे 19 विभागों की 47 योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंत्योदय मेलों का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इन मेलों के माध्यम से 19 सरकारी विभागों की 47 जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही छत के नीचे लाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना है। अंत्योदय योजना के तहत सबसे गरीब परिवारों की वार्षिक आय कम से कम ₹1,80,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।