दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं ने शोक जताया। नेताओं ने उनके अभिनय और समाजसेवा को याद किया।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से हिंदी और मराठी सिनेमा जगत में शोक की लहर है। नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने नाना पाटेकर के अभिनय, उनकी बेबाक शख्सियत और समाजसेवा में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पीएम मोदी ने नाना पाटेकर को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में नाना पाटेकर जैसी दमदार मौजूदगी, अनोखा अंदाज और अभिनय की विविधता देखने को मिली। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना ने अपने हर किरदार में रचनात्मकता और अलग तरह की प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने ऐसे कई यादगार पात्र निभाए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
पीएम मोदी ने नाना पाटेकर की बेबाकी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता अपनी स्पष्ट और साफगोई वाली राय के लिए भी जाने जाते थे और अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। प्रधानमंत्री ने हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर के योगदान को बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उनके जाने से एक बड़ी कमी महसूस होगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार, दोस्तों और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अमित शाह ने बताया कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अमित शाह ने नाना पाटेकर के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए उनके पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर को याद किया।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। गंभीर सामाजिक विषयों से लेकर हास्य और व्यंग्य तक, उन्होंने जिस भी भूमिका को निभाया, उसमें अपनी खास छाप छोड़ी।
अमित शाह ने नाना पाटेकर की समाजसेवा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाम फाउंडेशन के माध्यम से सूखे से प्रभावित किसान परिवारों की मदद करना हो या सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीमा पर जाना, नाना हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे। उन्होंने अभिनेता की सादगी और स्पष्टवादिता की भी प्रशंसा की।
देवेंद्र फडणवीस ने बताया करीबी दोस्त
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के निधन को निजी तौर पर भी गहरा सदमा बताया। उन्होंने कहा कि नाना जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही अच्छे इंसान भी थे। फडणवीस ने कहा कि अभिनेता ने हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग युग बनाया और एक सच्चे देशभक्त के तौर पर भी उनकी पहचान रही।
उन्होंने नाना पाटेकर की फिल्मों और भूमिकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक उनके शानदार अभिनय की कोई मिसाल नहीं है। फडणवीस ने कहा कि अभिनेता के रूप में नाना का जाना फिल्म जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
समाजसेवा में भी आगे रहे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर की पहचान केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं थी। वे किसानों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘जलयुक्त शिवार’ अभियान के दौरान नाना के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता ने मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फाउंडेशन’ बनाया और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जमीनी स्तर पर काम किया।
सूखे से प्रभावित किसानों की सहायता से लेकर सैनिकों का हौसला बढ़ाने तक, नाना पाटेकर कई सामाजिक पहलों से जुड़े रहे। उनकी यही सादगी और सामाजिक सरोकार उन्हें आम लोगों से जोड़ते थे।
कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने जताया दुख
नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उनके शानदार अभिनय करियर और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया।
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि नाना पाटेकर देश के बेहतरीन अभिनेताओं में शामिल थे और पर्दे के बाहर भी उन्होंने एक नायक की तरह काम किया। उन्होंने किसानों के लिए किए गए नाना के कार्यों को भी याद किया।
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नाना पाटेकर महान कलाकार होने के साथ-साथ महान इंसान भी थे। उनकी सोच और अभिनय दोनों ही अनमोल थे। जिस तरह से वे अपनी हर भूमिका में पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ उतरते थे, उसने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग कलाकारों में शामिल किया।
नाना पाटेकर का जाना सिनेमा जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अपने अभिनय, बेबाक अंदाज और सामाजिक कार्यों के जरिए उन्होंने जो पहचान बनाई, वह लंबे समय तक दर्शकों और उनके प्रशंसकों के बीच याद की जाएगी