नागालैंड में योग दिवस पर विवाद: धार्मिक भावनाओं के सम्मान में कार्यक्रम सोमवार तक के लिए टला

नागालैंड में योग दिवस पर विवाद: धार्मिक भावनाओं के सम्मान में कार्यक्रम सोमवार तक के लिए टला

 

 

नागालैंड में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को लेकर विरोध हुआ। ईसाई-बहुल राज्य में रविवार को कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश पर नाराजगी के बाद सरकार ने इसे 22 जून तक टाल दिया।

 

 

नागालैंड, भारत, वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर अलग स्थिति दिखाई दी. करोड़ों लोगों ने पूरे विश्व में इस उत्सव में भाग लिया। ईसाई-बहुल राज्य नागालैंड में रविवार, 21 जून को योग दिवस मनाने के सरकारी आदेश का व्यापक विरोध हुआ, इसलिए सोमवार, 22 जून तक आधिकारिक कार्यक्रम को टाल देना पड़ा।

विवाद का मूल: नागालैंड के स्कूल शिक्षा विभाग ने 21 जून को योग दिवस मनाने और सभी स्कूलों को स्टाफ और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे रविवार और धार्मिक आस्था का विवाद शुरू हुआ। साथ ही, स्कूलों से जीपीएस-टैग की गई तस्वीर और रिपोर्ट देने की भी अपील की गई। इस पर नागालैंड के बड़े नागरिक समाज समूहों, छात्र संगठनों और चर्च निकायों ने कड़ी आपत्ति जताई।

उनका मुख्य तर्क था कि 21 जून 2026 को रविवार था, जो ईसाई धर्म में पूजा और विश्राम के दिन, या सबथ डे, के रूप में बहुत पवित्र है। यह भी फादर्स डे था। विरोधी संगठनों ने इसे लोगों के धार्मिक अधिकारों और संवैधानिक अधिकारों के प्रति “असंवेदनशील” कदम बताया।

नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF) ने इस निर्देश को नागा समुदाय की धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन बताया। फेडरेशन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या शैक्षणिक संस्थान को योग का अभ्यास करना नहीं चाहिए। साथ ही, नागालैंड बैपटिस्ट पास्टर्स यूनियन (NBPU) ने स्पष्ट रूप से कहा कि योग की जड़ें दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में हैं, जो ईसाई सिद्धांतों से मेल नहीं खातीं। स्कूलों और चर्चों से कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का आह्वान किया गया था।

नागालैंड कांग्रेस और सेंट्रल नागालैंड ट्राइब्स काउंसिल ने भी सरकार से सर्कुलर वापस लेने की मांग की, जो कार्यक्रम में अनिवार्य भागीदारी और रिपोर्टिंग की मांग करता था। उनका कहना था कि धार्मिक या सांस्कृतिक रंग देकर योग को जबरन लागू करना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है।

नागालैंड सरकार ने स्थिति की गम्भीरता को समझा, क्योंकि विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने सरकार का संशोधित आदेश लगाया। स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बदले हुए आदेश जारी किया, जिसमें सभी स्कूलों को 21 जून के बजाय 22 जून को योग दिवस का कार्यक्रम करने का निर्देश दिया गया था। राज्य में शांति बनाए रखने और स्थानीय समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया।

क्या कार्यक्रम पूरी तरह से बंद रहे?

नागालैंड में योग दिवस पूरी तरह से नहीं मनाया गया, हालांकि राज्य सरकार ने आधिकारिक स्कूली कार्यक्रमों को रोक दिया था। योग कार्यक्रमों को देश भर में कई केंद्रीय सरकारी संस्थानों, सुरक्षा बलों और कुछ अन्य संस्थानों ने स्वतंत्र रूप से आयोजित किया।

यह घटना दिखाती है कि भारत जैसे विविध देश में स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है। 22 जून को राज्य भर में योग दिवस का आयोजन करके यह मुद्दा औपचारिक रूप से समाप्त हुआ।

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