मानसून की सक्रियता और भीषण गर्मी की दोहरी मार: जानिए आपके राज्य का हाल

मानसून की सक्रियता और भीषण गर्मी की दोहरी मार: जानिए आपके राज्य का हाल

 

IMD ने मानसून के आगे बढ़ने और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तर और मध्य भारत में अभी भी लू का कहर जारी है। जानें अपने राज्य का मौसम हाल।

देश का मौसम इस समय दो विपरीत स्थितियों से गुजर रहा है। जहां एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति पकड़ने के साथ कई राज्यों में भारी बारिश की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) का कहर अब भी जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।

मानसून का विस्तार और राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अब पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। पिछले लगभग 15 दिनों से महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में मानसून की सुस्ती बनी हुई थी, लेकिन अब इसमें हलचल देखी जा रही है। 23 जून के आसपास मानसून के महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। साथ ही, इसके छत्तीसगढ़ में भी दस्तक देने के आसार हैं। मानसून की इस सक्रियता से किसानों और आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर-पूर्व में ‘रेड अलर्ट’ और भारी बारिश

मानसून की सक्रियता का सबसे अधिक असर उत्तर-पूर्वी राज्यों में देखने को मिल रहा है। IMD ने असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो मेघालय के कुछ स्थानों पर असाधारण भारी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी वर्षा हुई है। असम और अरुणाचल प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का क्रम जारी है, जिससे बाढ़ जैसी स्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है।

लू (हीटवेव) का कहर: इन राज्यों में बरसेगी आग

एक तरफ मानसून की बारिश हो रही है, तो दूसरी तरफ देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक, तेलंगाना में अगले दो दिनों तक और मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में भी गर्मी का असर बना रहेगा। विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में तो रात के समय भी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक है।

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा

मानसून के आगमन के दौरान वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण कई राज्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इन राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके अलावा, राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 22 जून तक तापमान में हल्की गिरावट देखी गई थी, लेकिन अगले तीन दिनों के भीतर तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओले गिरने का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

तापमान में बदलाव की संभावना

IMD के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान का मिजाज अलग-अलग रहने वाला है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेंटीग्रेड की क्रमिक गिरावट की उम्मीद है, जो लोगों के लिए राहत लेकर आएगी। हालांकि, देश के बाकी हिस्सों में 27 जून तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की गतिविधियां मानसून के आने का संकेत दे रही हैं, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।

सावधानी की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हीटवेव वाले क्षेत्रों में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। वहीं, जिन राज्यों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है, वहां के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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