भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी। मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। जानिए आज के मौसम का ताजा हाल और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान।
भारतीय उपमहाद्वीप में मानसून का आगमन न केवल भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, बल्कि यह देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और जल संसाधनों के लिए भी जीवनदायिनी साबित होता है। वर्ष 2026 की जून के अंतिम सप्ताह में मानसून की चाल काफी सक्रिय रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी गति को बढ़ाते हुए गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दो से तीन दिनों में मानसून की हवाएं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की ओर रुख करेंगी, जिससे उत्तर भारत में चल रही लू और उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून का प्रभाव और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार, 25 जून 2026 के लिए देश के कई हिस्सों में ‘अलर्ट’ जारी किया है। असम, मेघालय, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों के साथ-साथ मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी भारी वर्षा का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है। यह बारिश न केवल तापमान में गिरावट लाएगी, बल्कि जलाशय के स्तर को बढ़ाने में भी सहायक होगी। हालांकि, इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ तेज़ हवाओं और आंधी-तूफान का भी सामना करना पड़ सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
आंधी-तूफान और धूल भरी हवाओं का असर
मानसून की सक्रियता केवल बारिश तक सीमित नहीं है। पश्चिमी राजस्थान में आज धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना बनी हुई है, जो शुष्क क्षेत्रों में दृश्यता कम कर सकती है। वहीं, झारखंड में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। ऐसी स्थितियों में खुले स्थानों पर रहने से बचना ही सुरक्षित रहता है।
दिल्ली-NCR और मुंबई के मौसम का हाल
महानगरों की बात करें तो मुंबई के लिए मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आर्थिक राजधानी में भारी बारिश का सिलसिला आज भी जारी रहने की संभावना है। यहाँ तेज़ हवाओं की गति 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जो स्थानीय यातायात और जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जिससे चिलचिलाती धूप का प्रभाव कम होगा। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में दोपहर या शाम के समय गरज के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है। तापमान के संदर्भ में, दिल्ली का अधिकतम तापमान 38°C से 40°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने की संभावना है। शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
आगे की राह: 29-30 जून के लिए तैयारी
आने वाले दिनों में उत्तर भारत के राज्यों, विशेषकर हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में मौसम में बदलाव जारी रहेगा। 25 से 26 जून के बीच हल्की बारिश और बिजली कड़कने की घटनाएं सामान्य रहेंगी। इसके बाद 29 से 30 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसके साथ ही व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में भी छिटपुट बारिश जारी रहेगी, जो मानसून के क्रमिक विकास का संकेत है।
मानसून का यह दौर प्रकृति का एक चक्र है जो देश की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देता है। यद्यपि भारी बारिश और तेज हवाएं कुछ चुनौतियां पेश करती हैं, लेकिन यह कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। प्रशासन द्वारा जारी किए गए अलर्ट का पालन करना और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखना नागरिकों के लिए जरूरी है। इस वर्ष मानसून का प्रसार जिस तरह से देश के अधिकांश हिस्सों में हो रहा है, उससे उम्मीद है कि यह सीजन किसानों और आम जनता के लिए सुखद रहेगा। बदलते मौसम में सावधानी बरतकर हम इस मानसून का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।