Monsoon Skin Care: बारिश के बाद त्वचा पर जमा Pollution, Sweat और Grime से pores clog और breakouts बढ़ सकते हैं। जानें मानसून में त्वचा की सही देखभाल कैसे करें।
मानसून को आमतौर पर त्वचा के लिए राहत देने वाला मौसम माना जाता है, लेकिन बारिश के दौरान और उसके बाद बढ़ी हुई नमी त्वचा से जुड़ी कई परेशानियों को जन्म दे सकती है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि बारिश का पानी ही monsoon skin problems की सबसे बड़ी वजह है, लेकिन त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार असली समस्या कई बार बारिश रुकने के बाद शुरू होती है। डॉ. रीमा अरोड़ा, Founder & Medical Director, The Face Clinic, South Delhi, के मुताबिक बारिश के बाद वातावरण में मौजूद pollution, पसीना और environmental grime त्वचा पर लंबे समय तक जमा रह सकते हैं। अगर इन्हें ठीक तरीके से साफ न किया जाए, तो pores बंद होने, irritation और breakouts का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मानसून में केवल बारिश से त्वचा को बचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बारिश के बाद त्वचा की सही देखभाल करना भी जरूरी है।
बारिश के बाद क्यों बढ़ जाता है त्वचा पर गंदगी का असर?
मानसून के दौरान हवा में humidity काफी बढ़ जाती है। अधिक नमी के कारण त्वचा पर पसीना और प्राकृतिक oil ज्यादा समय तक बना रह सकता है। दूसरी तरफ, बारिश के बाद सड़क और आसपास के वातावरण में मौजूद धूल, धुआं और pollution particles भी नमी के साथ त्वचा की सतह पर चिपक सकते हैं। अगर व्यक्ति लंबे समय तक बाहर रहता है और घर पहुंचने के बाद चेहरे को अच्छी तरह साफ नहीं करता, तो ये particles pores में जमा हो सकते हैं।
इसके कारण त्वचा dull दिखाई देने लग सकती है और कुछ लोगों में blackheads, whiteheads या छोटे-छोटे pimples की समस्या बढ़ सकती है। खासकर oily और acne-prone skin वाले लोगों को मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
Sweat और humidity भी बन सकते हैं परेशानी की वजह
मानसून में तापमान भले ही गर्मियों की तुलना में कम महसूस हो, लेकिन humidity अधिक होने के कारण शरीर को पसीना ज्यादा आ सकता है। पसीना त्वचा पर मौजूद oil, धूल और दूसरे particles के साथ मिलकर एक ऐसी परत बना सकता है, जो pores को clog करने में योगदान दे सकती है।
इसके अलावा लगातार नमी के कारण त्वचा पर चिपचिपाहट महसूस होती है। कई लोग इस स्थिति में बार-बार चेहरा धोने लगते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा cleansing भी skin barrier को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे त्वचा में dryness, irritation या sensitivity बढ़ सकती है। इसलिए त्वचा को साफ रखना जरूरी है, लेकिन over-cleansing से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
Pollution से त्वचा पर पड़ सकता है असर
बारिश के बाद हवा में मौजूद pollution और environmental grime त्वचा के संपर्क में आ सकते हैं। खासकर ट्रैफिक वाले इलाकों में रहने या रोजाना बाहर आने-जाने वाले लोगों के चेहरे पर धूल और प्रदूषण के कण जमा हो सकते हैं। ये त्वचा में irritation बढ़ा सकते हैं और पहले से मौजूद acne या sensitivity को प्रभावित कर सकते हैं।
इसी वजह से घर लौटने के बाद चेहरे को हल्के cleanser से साफ करना एक अच्छी skincare habit हो सकती है। इससे दिनभर जमा हुए sweat, excess oil और environmental impurities को हटाने में मदद मिल सकती है।
मानसून में स्किनकेयर रूटीन कैसा हो?
मानसून में skincare routine को बहुत complicated बनाने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले त्वचा के प्रकार के अनुसार एक gentle cleanser इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरा साफ करने के बाद हल्का, non-comedogenic moisturizer लगाया जा सकता है। कई लोग humidity के कारण moisturizer पूरी तरह छोड़ देते हैं, लेकिन त्वचा को पर्याप्त hydration देना जरूरी है। Oily skin के लिए हल्का gel-based moisturizer उपयोगी हो सकता है।
इसके अलावा दिन में बाहर निकलते समय sunscreen लगाना नहीं भूलना चाहिए। बादल होने के बावजूद ultraviolet radiation त्वचा तक पहुंच सकती है। इसलिए मानसून में भी broad-spectrum sunscreen का इस्तेमाल skincare routine का हिस्सा होना चाहिए।
बारिश में भी Makeup और Products पर दें ध्यान
मानसून में पसीना और humidity बढ़ने के कारण भारी makeup त्वचा पर ज्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे कुछ लोगों में pores clog होने की समस्या बढ़ सकती है। अगर makeup करना जरूरी हो, तो lightweight और non-comedogenic products को प्राथमिकता देना बेहतर हो सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि दिन खत्म होने के बाद makeup को अच्छी तरह remove किया जाए। मेकअप लगाकर सोने से pores बंद होने और breakouts की संभावना बढ़ सकती है। Makeup brushes और sponges की नियमित सफाई भी जरूरी है, क्योंकि गंदे tools पर oil, dead skin cells और microorganisms जमा हो सकते हैं।
चेहरे को बार-बार छूने से बचें
मानसून में चेहरे पर चिपचिपाहट या पसीना महसूस होने पर बार-बार हाथ लगाने की आदत बढ़ सकती है। लेकिन हाथों पर मौजूद धूल और bacteria त्वचा के संपर्क में आ सकते हैं। इससे irritation या breakouts बढ़ने की संभावना हो सकती है। इसलिए बिना जरूरत चेहरे को छूने से बचना बेहतर है।
अगर चेहरे पर pimples निकल आए हैं, तो उन्हें बार-बार दबाने या फोड़ने से भी बचना चाहिए। ऐसा करने से inflammation बढ़ सकती है और बाद में acne marks या pigmentation की समस्या हो सकती है।
सिर्फ बारिश नहीं, बारिश के बाद की त्वचा भी संभालें
मानसून में healthy skin बनाए रखने के लिए केवल rainwater से बचना पर्याप्त नहीं है। बारिश के बाद जमा pollution, sweat और environmental grime को भी ध्यान में रखना जरूरी है। घर लौटने के बाद चेहरे की gentle cleansing, त्वचा के अनुसार moisturizer और दिन में sunscreen का इस्तेमाल एक सरल routine हो सकता है।
अगर लगातार acne, लालिमा, खुजली, जलन या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या की शिकायत हो रही है, तो खुद से लगातार नए products आजमाने के बजाय dermatologist से सलाह लेना बेहतर है। सही skincare routine त्वचा की जरूरत और skin type के अनुसार तय किया जाना चाहिए। मानसून में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी रखकर त्वचा को clogged pores, breakouts और irritation जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचाया जा सकता है।