प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चैत्र नवरात्रि 2026 पर लोगों को शुभकामनाएं दी और मां शक्ति से सभी नागरिकों के कल्याण की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चैत्र नवरात्रि 2026 के अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने इस त्योहार को भक्ति, आध्यात्मिकता, त्याग और आत्म-अनुशासन का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवरात्रि मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा का समय है और यह “एकोहम बहुस्यम” के दार्शनिक विचार को दर्शाता है, जो ईश्वर की अनेक रूपों में मौजूदगी को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि यह दृष्टिकोण भारत की विविधता में एकता और लोकतंत्र की मजबूत पहचान को उजागर करता है।
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप देवी शैलपुत्री की पूजा का विधान है। उनके आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में संयम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो, यही कामना है।
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ pic.twitter.com/jhjMB7SPY9
— Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव के दौरान सभी नागरिकों के कल्याण और समृद्धि के लिए मां आदि शक्ति से प्रार्थना की। उन्होंने इस पर्व के सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पारंपरिक भारतीय पंचांग हजारों वर्षों की जीवंत विरासत को दर्शाता है। इस अवसर का संबंध हिंदू नववर्ष से भी है, जिसमें युगब्द वर्ष 5128 और विक्रम संवत वर्ष 2083 का समावेश होता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि नवरात्रि के दौरान कई भक्त उपवास और संयम का अभ्यास करते हैं। वे सुख-सुविधाओं का त्याग करके आध्यात्मिक अनुशासन में लीन रहते हैं, जिससे मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से इस पर्व की भावना को अपने जीवन में अपनाने और नवरात्रि के दौरान शांति, समर्पण और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होने का आग्रह किया।
चैत्र नवरात्रि 2026 का यह पर्व न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में समानता, एकता और सकारात्मक मूल्य स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करता है।