मेरठ के मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कई नई घोषणाएं

मेरठ के मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कई नई घोषणाएं

मेरठ के मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटित की। विश्वविद्यालय में 15 से शुरू होकर सभी ओलंपिक खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, साथ ही हाई परफॉर्मेंस सेंटर और विश्वस्तरीय खेल शिक्षा उपलब्ध होगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ स्थित मेज़र ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के लिए 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 100 एकड़ हो गया है। इस अतिरिक्त जमीन पर नई खेल सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की शुरुआत 15 खेलों से होगी और बाद में सभी ओलंपिक खेलों की सुविधाएं भी धीरे-धीरे उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रारंभिक खेल सुविधाओं में एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक, हाकी का एस्ट्रोटर्फ, फुटबॉल मैदान, लान टेनिस, कुश्ती, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, वुशू, ताइक्वांडो, बैडमिंटन और स्विमिंग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आठ अतिरिक्त खेलों जैसे बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तीरंदाजी, निशानेबाजी, कबड्डी और घुड़सवारी के लिए भी विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं का निर्माण मुख्य रूप से विश्वविद्यालय को मिली अतिरिक्त जमीन पर किया जाएगा।

भविष्य में विश्वविद्यालय में एक हाई परफॉर्मेंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, पैरा एथलीट परफॉर्मेंस सेंटर और एथलीट मैनेजमेंट सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।

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सरकार ने विश्वविद्यालय के पहले चरण के लिए 250 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करना है।

विश्वविद्यालय परिसर में चार कालेज और 16 विभाग खोले जाएंगे। ये चार कालेज हैं:

  • कालेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन

  • कालेज ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेस

  • कालेज ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

  • कालेज ऑफ स्पोर्ट्स कोचिंग

शैक्षणिक सत्र धीरे-धीरे पूर्ण क्षमता पर पहुंचाया जाएगा: पहले वर्ष में 50%, दूसरे वर्ष में 75%, और तीसरे वर्ष में 100% क्षमता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और जिला स्तर पर स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कालेज स्थापित करने की योजना भी चल रही है।

प्रदेश के सभी खेल शिक्षा संस्थान अब खेल विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार प्राइवेट खेल एकेडमियों को भी सहयोग देगी, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ओलंपियन खिलाड़ियों, जैसे अन्नू रानी, प्रियंका गोस्वामी और पारुल चौधरी, का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सीमित संसाधनों में निजी प्रशिक्षकों की मदद से ओलंपिक तक का सफर तय किया।

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