MCD वार्ड कमेटी चुनाव में भाजपा की तीसरी बार ‘हार’ का डर, अंकुश नारंग ने लगाए लोकतंत्र की हत्या के आरोप

MCD वार्ड कमेटी चुनाव में भाजपा की तीसरी बार 'हार' का डर, अंकुश नारंग ने लगाए लोकतंत्र की हत्या के आरोप

 

दिल्ली MCD वार्ड कमेटी चुनाव को टालने पर आप नेता अंकुश नारंग ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या और अपनी ही हार के डर से भागा हुआ कदम बताया है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) में वार्ड कमेटी चुनाव को एक बार फिर टाल दिया गया है, जिसने दिल्ली की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अंकुश नारंग ने भाजपा पर चुनाव से तीसरी बार भागने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है।

चुनाव टालने का विवाद और DMC एक्ट का उल्लंघन

29 मई को नामांकन और 3 जून को निर्धारित वार्ड कमेटी चुनाव को बिना किसी विधिवत प्रक्रिया के अगले आदेश तक टाल दिया गया है। इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अंकुश नारंग ने कहा कि ‘दिल्ली नगर निगम अधिनियम’ (DMC Act) की धारा 53(2) स्पष्ट रूप से कहती है कि चेयरमैन की मंजूरी के बिना न तो चुनाव की तारीख तय की जा सकती है और न ही उसे टाला जा सकता है। नारंग ने सवाल उठाया कि निगम सचिव ने आखिरकार किसके इशारे पर और किस अधिकार से यह फैसला लिया?

‘भाजपा को अपनी हार का डर’

अंकुश नारंग का दावा है कि भाजपा को पूरी तरह से पता है कि उनके अपने पार्षद उनसे नाराज हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा को डर है कि पार्षदों की नाराजगी के कारण वार्ड कमेटी के जोनल चुनाव में वे बुरी तरह हार जाएंगे और कई जोन उनके हाथ से निकल जाएंगे। अपनी सत्ता बचाने के लिए भाजपा बार-बार नियमों को ताक पर रख रही है।”

लोकतंत्र की हत्या का आरोप

आप नेता ने आगे कहा कि भाजपा सत्ता के लालच में इस कदर अंधी हो गई है कि वह अब MCD में भी लोकतंत्र की हत्या करने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि चुनाव को टालना भाजपा की कायरता का प्रमाण है, क्योंकि वे जनता के जनादेश और सदन के गणित का सामना करने से डर रहे हैं।

अगली रणनीति क्या होगी?

इस घटनाक्रम के बाद से आम आदमी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। आप के पार्षदों और नेताओं का कहना है कि यह संवैधानिक संकट है जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अंकुश नारंग के अनुसार, पार्टी इस मुद्दे को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है और वे भाजपा के इस “तानाशाही फरमान” को जनता के बीच ले जाएंगे।

फिलहाल, MCD में वार्ड कमेटी चुनाव के अनिश्चितकाल के लिए टल जाने से भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या भाजपा वास्तव में अपने पार्षदों के भीतर बढ़ती बगावत से घिरी हुई है?

 

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