भारत में मैचाकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जानें क्यों लोग इसे घर पर बनाने, इसके स्वास्थ्य लाभ, कैफीन और कॉफी के विकल्प के तौर पर सर्च कर रहे हैं।
Matcha आजकल सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय खाद्य और पेय ट्रेंड है। पिछले कुछ हफ्तों में शायद ही कोई मैचाड्रिंक, मैचालाटे या उनके विभिन्न स्वादों को नहीं जानता था। मित्रों से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सब इसे आजमाने की सलाह देते दिखते हैं। चमकीले हरे रंग के इस पाउडर को व्हिस्क करके बनाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है। यही कारण है कि लोगों में मैचाको को लेकर उत्सुकता बढ़ी है और इससे जुड़े कई प्रश्न भी तेजी से खोजे जा रहे हैं।
Matcha में भारत की रुचि बढ़ी
Matcha की लोकप्रियता केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। गूगल सर्च रिपोर्टों के अनुसार, भारत में मैचाको को समझने और घर पर बनाने में भी लोग रुचि ले रहे हैं। “How to make matcha” की खोज में पिछले एक वर्ष में लगभग १३०० प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका अर्थ है कि लोग अब केवल कैफे में मैचालाटे ऑर्डर करने तक नहीं सीमित हैं, बल्कि घर पर इसे बनाने का तरीका भी जानना चाहते हैं।
मैचाबनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों में भी लोगों का रुझान बढ़ा है। 2026 में, “Matcha whisk” और “Matcha bowl” जैसे खोज उपकरण तेजी से लोकप्रिय हुए। इससे पता चलता है कि मैचालोगों की दैनिक जीवन में यह एक हिस्सा बनने लगा है और लोग इसे घर पर बनाने के लिए आवश्यक सामान भी खरीद रहे हैं।
Matcha का नया स्वाद
मैचाकी के साथ किए जा रहे विविध रंगों के प्रयास भी इसकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण हैं। सोशल मीडिया पर मौसम और लोगों की पसंद के साथ मैचाके के नए कॉम्बिनेशन की चर्चा होती रहती है। गर्मियों में “Mango Matcha” की खोज करीब 200 प्रतिशत बढ़ी, जबकि “Strawberry Matcha” की खोज 400 प्रतिशत बढ़ी।
बाद में लोगों ने मौसम के दौरान मैचाके में कुछ और अलग-अलग कॉम्बिनेशन करने शुरू किए। “Dirty Matcha” और “Coconut Matcha” जैसे शब्द जल्दी चर्चा में आए। इससे पता चलता है कि लोग मैचाको को सिर्फ एक साधारण जापानी चाय के रूप में नहीं, बल्कि मौसम और स्वाद के अनुसार एक अलग तरह का पेय भी बना रहे हैं।
सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक उपयोगी चुनाव बन रहा Matcha
शुरू में बहुत से लोगों ने सोचा था कि मैचाभी कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर दूसरे फूड ट्रेंड्स की तरह गायब हो जाएगा। लेकिन सर्च डेटा चित्र कुछ अलग कहानी कहता है। मैचाके संभावित स्वास्थ्य लाभों और स्वाद के बारे में लोग अब अधिक जानते हैं।
“Matcha Health” से संबंधित सर्च में पिछले एक वर्ष में लगभग एक हजार प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साथ ही, “Matcha Protein” की खोज में २५००% की वृद्धि हुई। इससे पता चलता है कि फिटनेस और हेल्थ को लेकर चिंतित लोग मैचाको को अपनी दैनिक आहार और पेय पदार्थों के साथ जोड़कर देख रहे हैं।
Matcha में कैफीन भी
मैचाको में बढ़ती रुचि के साथ लोगों को इसके प्रभावों को लेकर भी चिंतित महसूस होता है। “Does Matcha Have Caffeine” की खोज करीब 70% बढ़ी है। यह पीने से पहले, यानी लोग इसमें कैफीन की मात्रा और इसके शरीर पर असर को जानना चाहते हैं।
“Matcha vs. Coffee” भी तेजी से खोज टर्म बन गया है। यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि लोग मैचाको को सिर्फ अपनी मौजूदा कॉफी के साथ जोड़ने के बजाय एक विकल्प के रूप में भी देख रहे हैं। यानी मैचाकी की लोकप्रियता सिर्फ नवाचार या सोशल मीडिया की चमक से नहीं हुई है।
Matcha बाजार आने वाले समय में और बढ़ सकता है
मैचाके के बढ़ते सर्च रुझान से पता चलता है कि भारत में इसकी लोकप्रियता अस्थायी सोशल मीडिया रुझान से आगे निकल रही है। मैचाको बनाने की प्रक्रिया, आवश्यक उपकरण, स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न और कॉफी के साथ इसकी तुलना में बढ़ती रुचि बताती है कि लोग इसे गंभीरता से पढ़ रहे हैं।
यद्यपि, किसी भी खाद्य पदार्थ को हेल्दी मानकर अपनी दैनिक आहार में शामिल करने से पहले, उसकी मात्रा, व्यक्तिगत आवश्यकताओं और उसमें शामिल अन्य घटकों पर ध्यान देना चाहिए। मैचाका का बढ़ता क्रेज निश्चित रूप से इस बात का संकेत है कि भारतीय ग्राहक अब स्वाद और ट्रेंड के अलावा स्वास्थ्य और फंक्शन को भी अपनी रोजाना की पेय चुनाव में महत्व दे रहे हैं।