Maruti Suzuki ने FY26 के लिए ₹140 प्रति शेयर का रिकॉर्ड फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। जानें रिकॉर्ड डेट, एक्स-डिविडेंड डेट, शेयर खरीदने की आखिरी तारीख और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Ltd.) ने अपने निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 140 रुपये के अंतिम (Final) डिविडेंड की घोषणा की है। यह मारुति सुजुकी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है। यदि आप भी इस डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास केवल आज बाजार बंद होने तक का समय है। क्योंकि 7 अगस्त को कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) ट्रेड करेंगे। ऐसे में रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी है, तभी निवेशकों को डिविडेंड का लाभ मिलेगा।
मारुति सुजुकी दे रही है रिकॉर्ड ₹140 प्रति शेयर डिविडेंड
मारुति सुजुकी ने अपने शेयरधारकों के लिए 5 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 140 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। यह फेस वैल्यू के मुकाबले 2,800 प्रतिशत का डिविडेंड है, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड माना जा रहा है।
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी ने निवेशकों को 135 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। इस बार कंपनी ने अपने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है, जिससे लंबे समय से निवेश किए हुए शेयरधारकों को बड़ा फायदा मिलेगा।
आज ही खरीदें शेयर, तभी मिलेगा डिविडेंड
मारुति सुजुकी ने इस डिविडेंड के लिए 7 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
शेयर बाजार के नियमों के अनुसार, यदि किसी कंपनी का शेयर एक्स-डिविडेंड हो जाता है, तो उस दिन या उसके बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को डिविडेंड का लाभ नहीं मिलता।
इसलिए यदि कोई निवेशक 140 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड प्राप्त करना चाहता है, तो उसे रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले, यानी आज बाजार बंद होने से पहले शेयर खरीदने होंगे।
क्या होता है एक्स-डिविडेंड?
कई नए निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि एक्स-डिविडेंड का क्या मतलब होता है।
जब कोई शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करता है, तो इसका अर्थ है कि उस दिन से खरीदे गए शेयरों पर घोषित डिविडेंड का अधिकार नहीं रहेगा।
डिविडेंड केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के शेयरधारकों की सूची में होंगे। इसलिए रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना आवश्यक होता है।
शेयर की चाल कैसी रही?
गुरुवार सुबह बीएसई पर मारुति सुजुकी का शेयर मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
सुबह लगभग 10:52 बजे कंपनी का शेयर 39.15 रुपये या 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,120.85 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कारोबार के दौरान शेयर ने 14,056.30 रुपये का इंट्राडे लो और 14,219.95 रुपये का इंट्राडे हाई बनाया।
हालांकि मामूली गिरावट के बावजूद निवेशकों की नजर डिविडेंड के कारण इस शेयर पर बनी हुई है।
52 सप्ताह का प्रदर्शन
मारुति सुजुकी के शेयर ने पिछले एक वर्ष में अच्छा उतार-चढ़ाव देखा है।
52 सप्ताह का उच्चतम स्तर: 17,371.60 रुपये
52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर: 12,202.10 रुपये
मौजूदा स्तर 52 सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे है, लेकिन कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और नियमित डिविडेंड नीति निवेशकों का भरोसा बनाए हुए है।
कंपनी का मार्केट कैप कितना है?
बीएसई के अनुसार, मारुति सुजुकी इंडिया का वर्तमान मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.43 लाख करोड़ रुपये है।
मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी है और घरेलू ऑटोमोबाइल बाजार में इसकी मजबूत हिस्सेदारी है। कंपनी लगातार बेहतर बिक्री, मजबूत बैलेंस शीट और शेयरधारकों को नियमित रिटर्न देने के लिए जानी जाती है।
डिविडेंड निवेशकों के लिए क्यों है खास?
डिविडेंड निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। जब कोई कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है, तो इसे डिविडेंड कहा जाता है।
जो निवेशक लंबे समय तक अच्छे और मजबूत कंपनियों के शेयर अपने पास रखते हैं, उन्हें शेयर की कीमत बढ़ने के साथ-साथ डिविडेंड का भी लाभ मिलता है।
मारुति सुजुकी जैसी ब्लू-चिप कंपनी द्वारा रिकॉर्ड डिविडेंड की घोषणा यह दर्शाती है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है और वह अपने निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने के लिए प्रतिबद्ध है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका उद्देश्य इस बार के 140 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का लाभ लेना है, तो आपको आज बाजार बंद होने से पहले मारुति सुजुकी के शेयर खरीदने होंगे। इसके बाद 7 अगस्त को शेयर एक्स-डिविडेंड हो जाएंगे और नए खरीदार इस डिविडेंड के पात्र नहीं होंगे।
हालांकि केवल डिविडेंड पाने के उद्देश्य से निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, भविष्य की संभावनाओं और अपने निवेश लक्ष्यों का भी आकलन करना जरूरी है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।