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पंजाब के गांवों में मान सरकार का बड़ा बदलाव। 70 वर्षों से उपेक्षित गांवों में 4 साल के भीतर बनाए गए खेल के मैदान। युवाओं को नशे से दूर रखने का संकल्प।
पंजाब की राजनीति और विकास की प्राथमिकताओं में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य की युवा पीढ़ी को दिशा देने के लिए खेलों को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखा है। राज्य सरकार का दावा है कि जिन गांवों को आजादी के सात दशकों बाद भी एक अदद खेल का मैदान मयस्सर नहीं था, वहां अब आधुनिक सुविधाओं से लैस स्पोर्ट्स ग्राउंड तैयार हो चुके हैं।
70 साल का इंतजार और 4 साल का बदलाव
राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में पंजाब के उन सुदूर और उपेक्षित गांवों में भी खेल के मैदान बनाए गए हैं, जहां दशकों तक बुनियादी ढांचा एक सपना बना हुआ था। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा और सही दिशा नहीं दी गई, तो वे गलत रास्तों (जैसे नशा) की ओर भटक सकते हैं। इसी उद्देश्य के साथ मान सरकार ने गांव-गांव में खेल के मैदानों का जाल बिछाने का काम किया है।
‘खेल का मैदान, सही राह’ – क्या है मान सरकार की रणनीति?
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਖੇਡਾਂ ਵੱਲ ਮੋੜ ਲਿਆਂਦੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ!
ਜਿਹਨਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ 70 ਸਾਲਾਂ ‘ਚ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਹੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੇ, ਉਹਨਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 4 ਸਾਲਾਂ ‘ਚ ਹੀ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਦੇ ਕੇ ਨਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਸਹੀ ਲੀਹ ‘ਤੇ ਲਿਆਂਦਾ, ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਹੋਰ ਕੀ ਹੈ? pic.twitter.com/l0jqsrppde
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 10, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्पष्ट मानना है कि यदि पंजाब के बच्चों के हाथों में बैट, बॉल या अन्य खेल उपकरण होंगे, तो ही वे नशे और अपराध जैसी बुराइयों से दूर रह पाएंगे। इस बदलाव को सरकार ने निम्नलिखित आधारों पर परिभाषित किया है:
- बुनियादी ढांचे का विस्तार: राज्य के उन गांवों को प्राथमिकता दी गई है जिन्हें पिछली सरकारों ने दशकों तक अनदेखा किया।
- युवाओं को दिशा: खेल के मैदान केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि युवाओं को एक अनुशासित जीवनशैली और करियर की राह दिखाने का माध्यम हैं।
- समान अवसर: सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव का खिलाड़ी भी वही सुविधाएं पाए जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन कर सकें।
- विकास का नया पैमाना: सरकार इसे सत्ता के अहंकार से दूर, जनता की जरूरतों के प्रति अपनी जवाबदेही के रूप में देख रही है।
सत्ता का असली मकसद: जनता का विश्वास
सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि बदलाव केवल सड़कों या इमारतों से नहीं आता, बल्कि समाज की मुख्यधारा के सुधार से आता है। मान सरकार ने अपनी नीतियों के केंद्र में ‘खेलेगा पंजाब, जीतेगा पंजाब’ के मंत्र को रखा है। जिस तरह से गांवों में इन खेल के मैदानों का निर्माण हुआ है, उसे सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मान रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजाब में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना एक दूरदर्शी कदम है। जहां एक ओर सरकार खेल के मैदानों के माध्यम से युवाओं को व्यस्त रखने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह कदम राज्य की गिरती खेल प्रतिभाओं को पुनर्जीवित करने में भी मदद करेगा। पंजाब के गांव अब केवल राजनीति का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की नर्सरी बनने की राह पर हैं।