भवानीपुर सीट पर मतदान के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्रीय बलों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा- हार तय देख बौखला गई हैं ममता। 4 मई को आएंगे नतीजे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बुधवार को राज्य की राजनीति में भारी तनाव देखा गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव में धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय सुरक्षा बल और चुनाव पर्यवेक्षक पूरी तरह से भगवा पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि इस चुनाव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ समझौता किया गया है और अधिकारियों का व्यवहार निष्पक्ष नहीं है।
नंदीग्राम का ‘रीमैच’: ममता बनाम सुवेंदु की प्रतिष्ठा की लड़ाई
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र इस समय देश का सबसे चर्चित चुनावी मुकाबला बना हुआ है। यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है। इसे 2021 के नंदीग्राम चुनाव के ‘प्रतीकात्मक रीमैच’ के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ सुवेंदु ने ममता बनर्जी को कड़े मुकाबले में हरा दिया था। अपनी इस साख की लड़ाई में ममता बनर्जी ने सुबह 8 बजे से ही मो मोर्चा संभाल लिया और चेतला व चक्रबेरिया जैसे इलाकों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने चुनावी प्रबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बाहर से आए पर्यवेक्षक भाजपा के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने शिकायत की कि वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा और टीएमसी के झंडे हटा दिए गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा, “अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे क्योंकि हमारे लड़कों को पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा उठाया जा रहा है।” उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव की परंपरा रही है, लेकिन वर्तमान हालात ‘गुंडा राज’ की ओर इशारा कर रहे हैं।
भाजपा का पलटवार: ‘हार के डर से भ्रम फैला रही है टीएमसी’
दूसरी ओर, भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने खidirpur के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा कि ममता बनर्जी जनता के गुस्से को भांप चुकी हैं और अब हार के डर से भ्रम फैला रही हैं। सुवेंदु ने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह सुबह जल्दी बाहर निकल आई हैं, सच यह है कि वह चुनाव हार रही हैं।” भाजपा नेतृत्व ने चुनाव आयोग की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि लोग बड़ी संख्या में बिना किसी डर के वोट डालने निकल रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी का दावा: ‘2021 से भी बड़ी होगी जीत’
पार्टी के दूसरे सबसे कद्दावर नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी मित्रा इंस्टीट्यूशन में अपना वोट डालने के बाद भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भी चुनाव पर्यवेक्षकों की ‘मनमानी’ का मुद्दा उठाया, लेकिन साथ ही विश्वास जताया कि टीएमसी 2021 के मुकाबले और अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की ये कोशिशें जनता के समर्थन के सामने विफल साबित होंगी।
अंतिम चरण का मतदान और भविष्य का फैसला
आज पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। यह चरण टीएमसी के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले दक्षिण बंगाल को कवर करता है, जहाँ भाजपा ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान होने के बाद, दूसरे चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद है। सभी की निगाहें अब 4 मई पर टिकी हैं, जब वोटों की गिनती होगी और बंगाल के अगले पांच साल का भविष्य तय होगा।