मालवीय नगर अग्निकांड: केवल रसोइया दोषी या सरकारी तंत्र की विफलता? आम आदमी पार्टी ने उठाए कड़े सवाल

मालवीय नगर अग्निकांड: केवल रसोइया दोषी या सरकारी तंत्र की विफलता? आम आदमी पार्टी ने उठाए कड़े सवाल

 

मालवीय नगर अग्निकांड में रसोइए की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने इसे सरकारी तंत्र की विफलता बताते हुए अधिकारियों और बिल्डिंग मालिकों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे’ में हुए भीषण अग्निकांड में 22 लोगों की दुखद मौत ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने रसोइए केशव नेगी को गिरफ्तार कर उस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को महज खानापूर्ति करार दिया है। पार्टी का कहना है कि किसी एक कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर सरकार अपनी जवाबदेही से पल्ला नहीं झाड़ सकती।

रसोइए की गिरफ्तारी पर सवाल

आम आदमी पार्टी के नेताओं का मानना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के लिए केवल जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी को दोषी ठहराना पूरी तरह अनुचित है। पार्टी ने सवाल किया है कि ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना फायर एनओसी और अवैध तरीके से संचालित कैसे हो रहे थे? क्या इसके लिए स्थानीय प्रशासन, एमसीडी और दमकल विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती?

तंत्र की विफलता और जवाबदेही

पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में आग लगने की घटनाएं अब एक चिंताजनक पैटर्न बन चुकी हैं। उनका तर्क है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए अक्सर गरीब कर्मचारियों को निशाना बनाती है, जबकि असली जिम्मेदार अधिकारी और नीति-निर्माता सुरक्षित बच निकलते हैं। ‘आप’ ने इस संदर्भ में कई तीखे सवाल उठाए हैं:

  • अवैध निर्माण: अगर इमारत अवैध थी, तो उसे समय रहते सील क्यों नहीं किया गया?
  • दमकल सेवा: सूचना मिलने के बाद भी दमकल विभाग की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में इतना अधिक समय क्यों लगा?
  • पुरानी फाइलों पर चुप्पी: पार्टी ने मांग की है कि पिछली अग्निकांड घटनाओं के बाद बनी जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक किया जाए, जो लंबे समय से दबी हुई हैं।

घटना का विवरण

जांच के अनुसार, 3 जून 2026 को हुई इस दुर्घटना की शुरुआत किचन में रखे एक ऑयल फ्रायर से हुई थी। पुलिस का दावा है कि खाना पकाने के दौरान हुई लापरवाही के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि, विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इमारत में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और ज्वलनशील सामग्रियों के अनुचित भंडारण ने आग को बेकाबू बना दिया, जिससे बचाव के प्रयास विफल रहे।

सरकार पर हमला

आम आदमी पार्टी ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ‘जीरो-टॉलरेंस’ के दावे तो बहुत करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और केवल रसोइए पर ही नहीं, बल्कि उन सभी संबंधित अधिकारियों और बिल्डिंग मालिकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने की अनुमति दी थी।

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