लंका प्रीमियर लीग 2026 के दौरान खिलाड़ियों को भ्रष्टाचार के लिए उकसाने के आरोप में भारत के पूर्व अंडर-19 विश्व कप विजेता मनजोत कालरा को श्रीलंका में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्रिकेट जगत एक बार फिर फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के साए में आ गया है। लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) की शुरुआत के साथ ही एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारत के पूर्व अंडर-19 विश्व कप विजेता खिलाड़ी और एलपीएल फ्रेंचाइजी ‘जाफना किंग्स’ (Jaffna Kings) के सह-मालिक मनजोत कालरा को खिलाड़ियों को कथित तौर पर भ्रष्टाचार और फिक्सिंग के लिए उकसाने के आरोप में श्रीलंका में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के तुरंत बाद श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो-टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने की) नीति को दोहराया है।
खिलाड़ियों को पैसे का लालच देने का आरोप, 31 जुलाई तक जेल
स्पोर्ट्स से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए गठित श्रीलंका पुलिस की विशेष जांच इकाई (SIU) ने शुक्रवार को यह बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 27 वर्षीय मनजोत कालरा पर आरोप है कि उन्होंने एलपीएल 2026 में खेल रहे खिलाड़ियों को मैच या स्पॉट फिक्सिंग जैसी भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के लिए पैसों की पेशकश की थी।
गिरफ्तारी के बाद कालरा को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 31 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एक अन्य भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जाफना किंग्स के इन 3 दिग्गज खिलाड़ियों ने की शिकायत
क्रिकेट को शर्मसार करने वाली इस साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। खबरों के मुताबिक, जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी के तीन प्रमुख श्रीलंकाई खिलाड़ियों—भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे ने मनजोत कालरा द्वारा दिए गए पैसों के ऑफर की लिखित शिकायत एंटी-करप्शन यूनिट को दी थी। खिलाड़ियों की इसी तत्परता और आधिकारिक शिकायत के बाद एसआईयू (SIU) ने तुरंत जाल बिछाया और शुक्रवार को मनजोत कालरा को धर दबोचा।
श्रीलंका क्रिकेट का कड़ा रुख: ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’
मनजोत कालरा की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि इस जांच का असर टूर्नामेंट पर नहीं पड़ेगा। एसएलसी ने कहा:
“श्रीलंका क्रिकेट और लंका प्रीमियर लीग 2026 की पूरी टीम खेल में अपराधों की रोकथाम के लिए बनी विशेष जांच इकाई (SIU) को इस मामले में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। शासी निकाय होने के नाते हम टूर्नामेंट की शुचिता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। लीग से जुड़े किसी भी हितधारक (Stakeholder) द्वारा किया गया भ्रष्टाचार, कदाचार या बेईमानी का कोई भी प्रयास किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
क्रिकेट बोर्ड ने यह भी पुष्टि की कि पांच टीमों के बीच होने वाली यह प्रतियोगिता, जो शुक्रवार को कोलंबो के एसएससी ग्राउंड्स में शुरू हुई है, अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।
वर्ष 2018 के अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भारत की तरफ से शानदार शतक जड़कर सुर्खियां बटोरने वाले मनजोत कालरा का नाम इस तरह के गंभीर विवाद में आना बेहद चौंकाने वाला है। श्रीलंका क्रिकेट ने साफ कर दिया है कि वे खेल की गरिमा को बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे, ताकि लंका प्रीमियर लीग 2026 का आयोजन पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरा हो सके।