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पंजाब में ‘लाल लकीर’ क्षेत्र के 178 परिवारों को मिला कानूनी मालिकाना हक। फिड्डे कलां में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत प्रमाण पत्र वितरित, अब घर सुधार, बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ संभव।
पंजाब के कुलतार सिंह संधवां ने फिड्डे कलां गांव में 178 परिवारों को “मेरा घर मेरे नाम” योजना के तहत मालिकाना हक के प्रमाण पत्र वितरित किए। यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो दशकों से अपने घरों में रहते हुए भी कानूनी दस्तावेजों के बिना रह गए थे।
दशकों पुरानी अनिश्चितता का अंत
‘लाल लकीर’ क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को लंबे समय तक अपने घरों के कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए। इसके कारण वे बैंक लोन, सरकारी योजनाओं और घर की मरम्मत जैसी सुविधाओं से वंचित रहे। अब कानूनी स्वामित्व मिलने से इन परिवारों की दशकों पुरानी अनिश्चितता का अंत हो गया है।
178 families under ‘lal lakir’ finally get legal ownership, ending decades of uncertainty
🔸 Punjab Vidhan Sabha Speaker @SpeakerSandhwan distributed ownership certificates to 178 beneficiaries in Phidde Kalan under Mera Ghar Mere Naam, giving legal rights to homes long occupied… pic.twitter.com/TGKZBrddLh
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 9, 2026
मालिकाना हक से मिलने वाले फायदे
प्रमाण पत्र मिलने के बाद लाभार्थियों को कई सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। वे अपने घरों को कानूनी रूप से अपग्रेड या मरम्मत कर सकेंगे, बैंक से लोन ले सकेंगे और सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे उठा सकेंगे। यह कदम ग्रामीण परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पारदर्शी और निःशुल्क प्रक्रिया
सरकार ने इस योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निःशुल्क रखी है ताकि किसी भी योग्य परिवार को लाभ से वंचित न किया जाए। यह पहल ग्रामीण विकास और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में पंजाब सरकार का बड़ा कदम है।