लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह ने PMEGP योजना के तहत ऑयल मिल शुरू कर 27 लोगों को रोजगार दिया। उनकी मासिक आय 1 लाख और यह ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरक कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 25 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी ऑयल मिल शुरू की। सरिता प्रतिदिन 12 क्विंटल सरसों तेल का उत्पादन करती हैं और इस व्यवसाय से 27 लोगों को स्थायी रोजगार मिला है।
साहस और सरकारी योजना का संगम
ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार किया। PMEGP योजना की मदद से उन्होंने अपनी तेल कोल्हू उद्योग की शुरुआत की और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर व्यवसाय को सफल बनाया।
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सरिता की पहल केवल उनकी व्यक्तिगत आय तक सीमित नहीं है; उन्होंने गांव के 27 लोगों को रोजगार देकर कई परिवारों का जीवनस्तर बेहतर किया है। उनके व्यवसाय से प्रत्यक्ष रूप से लगभग 27 लोगों के परिवार लाभान्वित हुए हैं। आज सरिता की मासिक आय लगभग 1 लाख रुपये है, जो मुख्यमंत्री के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करती है।
PMEGP योजना: स्वरोजगार और वित्तीय सहायता का माध्यम
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार के लिए ऋण और ‘मार्जिन मनी’ सब्सिडी प्रदान करना है। इस योजना से युवा अपने उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकते हैं।
सरिता सिंह की कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाएं और व्यक्तिगत मेहनत मिलकर छोटे व्यवसाय को बड़ा रूप दे सकती हैं और पूरे समुदाय की आर्थिक स्थिति में बदलाव ला सकती हैं।