इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का पहला गाना ‘क्या कमाल है’ रिलीज हो गया है। दिलजीत दोसांझ और ए.आर. रहमान की इस जादुई जोड़ी ने विभाजन की पृष्ठभूमि पर एक रूहानी संगीत पेश किया है।
भारतीय सिनेमा में जब भी संगीत और कहानी के अद्भुत मेल की बात होती है, तो इम्तियाज अली, ए.आर. रहमान और दिलजीत दोसांझ का नाम सबसे ऊपर आता है। दो साल पहले ‘अमर सिंह चमकीला’ के साथ वैश्विक स्तर पर सफलता का स्वाद चखने के बाद, यह सुपरहिट तिकड़ी एक बार फिर अपनी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के साथ दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार है। फिल्म के टीजर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद, मेकर्स ने इसका पहला गाना ‘क्या कमाल है’ रिलीज कर दिया है, जो इंटरनेट पर आते ही छा गया है।
विभाजन की यादों के बीच ‘आशा का गीत’
‘क्या कमाल है’ महज एक फिल्मी गाना नहीं है, बल्कि इसे ‘आशा के गीत’ (Song of Hope) के रूप में पेश किया गया है। यह गीत मानवीय संबंधों की निश्छल खूबसूरती और कठिन से कठिन समय में भी जीवित रहने वाली प्यार की ताकत का उत्सव मनाता है। फिल्म की कहानी 1947 के भारत-पाक विभाजन की दर्दनाक पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह उस दौर को दिखाता है जहाँ लोगों ने अपना घर, अपनी जमीन और अपने अपनों को खो दिया, लेकिन उनके भीतर प्यार की जो लौ जल रही थी, उसे नफरत की आंधी भी बुझा नहीं सकी।
दिग्गजों का भावनात्मक जुड़ाव
इस गाने को लेकर फिल्म से जुड़े दिग्गजों ने अपने गहरे अनुभव साझा किए हैं:
- इम्तियाज अली: निर्देशक का मानना है कि आज की अशांत दुनिया में हमें सकारात्मकता की सख्त जरूरत है। उनके अनुसार, “आज चारों तरफ असुरक्षा का माहौल है, जो 1947 के उस दौर की याद दिलाता है। विभाजन ने हमें गहरे जख्म दिए, लेकिन उसने अमर प्रेम की कहानियाँ भी दीं। रहमान, दिलजीत और इरशाद कामिल के साथ यह काम करना किसी सपने जैसा है।”
- दिलजीत दोसांझ: अपनी रूहानी आवाज से जादू बिखेरने वाले दिलजीत कहते हैं, “यह गाना मेरे दिल के बहुत करीब है। इसमें एक ऐसी सादगी और ईमानदारी है जो आपको भागदौड़ भरी जिंदगी से रोककर कुछ पल सुकून से महसूस करने पर मजबूर कर देती है। इम्तियाज सर के साथ काम करना हमेशा खास होता है क्योंकि उनकी बनाई दुनिया बहुत असली लगती है।”
- ए.आर. रहमान: संगीत के उस्ताद रहमान ने इस गाने के जरिए ‘शांति’ का संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “विस्थापन और बिछड़न के शोर के बीच, ‘क्या कमाल है’ उस खूबसूरती को ढूंढने की कोशिश है जिसे हम अक्सर देख नहीं पाते। संगीत को कभी-कभी खामोशी और शायरी की गूँज बनना पड़ता है।”
इरशाद कामिल के दिल छू लेने वाले बोल और रहमान की कालजयी धुन ने ‘क्या कमाल है’ को साल के सबसे बेहतरीन गानों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। यह गाना न केवल फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ाता है, बल्कि सुनने वालों को शांति और प्रेम का संदेश भी देता है।