केरल का संशोधित बजट 2026-27: वाहन करों में भारी कटौती से मिली राहत, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

केरल का संशोधित बजट 2026-27: वाहन करों में भारी कटौती से मिली राहत, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

 

केरल सरकार का नया बजट 2026-27। पर्यटक बसों के टैक्स में 50% की कटौती और इलेक्ट्रिक वाहनों के रोड टैक्स में कमी। जानें अब केरल की यात्रा क्यों होगी सस्ती।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने विधानसभा में शुक्रवार को अपना संशोधित बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में कर राहत के कई उपाय, माफी योजनाएं और वाहन करों में बड़े बदलावों की घोषणा की गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य करदाताओं पर से बोझ कम करना, व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाना और राजस्व संग्रह (revenue mobilisation) को अधिक प्रभावी बनाना है। यह बजट न केवल आम जनता के लिए राहत भरा है, बल्कि राज्य के परिवहन और पर्यावरण लक्ष्यों को भी नई दिशा देने वाला है।

ऑल इंडिया परमिट (AITP) वाहनों के टैक्स में 50% की कटौती

केरल सरकार द्वारा सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणा ‘ऑल इंडिया परमिट’ (AITP) वाहनों के कर में 50 प्रतिशत की भारी कटौती है। अब तक, केरल में पंजीकृत निजी स्टेज कैरिज (निजी बसें) और पर्यटक बसों का कर काफी अधिक था, जिससे वाहन मालिक अक्सर कर की बचत के लिए अपने वाहनों को अन्य राज्यों—जैसे नागालैंड, ओडिशा और कर्नाटक—में पंजीकृत कराते थे।

संशोधित बजट के अनुसार:

  • सामान्य सीटों (Ordinary Seats) के लिए: कर को 2,000 रुपये से घटाकर 900 रुपये कर दिया गया है।
  • स्लीपर बर्थ (Sleeper Berths) के लिए: कर को 3,000 रुपये से घटाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है।

इस कदम से अब पर्यटकों और बस मालिकों को कर बचाने के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बस मालिकों के संघ का मानना है कि इस निर्णय से केरल में वाहनों का पंजीकरण दोबारा बढ़ेगा, जिससे राज्य के राजस्व में भी इजाफा होगा। यह कदम न केवल परिवहन व्यवसाय को राहत देगा, बल्कि राज्य के भीतर पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को अधिक संगठित और किफायती भी बनाएगा।

मानसून में केरल यात्रा होगी और भी सस्ती

केरल अपनी 600 किलोमीटर लंबी अरब सागर की तटरेखा, ताड़ के पेड़ों से घिरे समुद्र तटों और बैकवाटर्स के लिए दुनिया भर में मशहूर है। मानसून के दौरान केरल की हरियाली देखते ही बनती है, जो पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान है। अब, परिवहन करों में हुई इस कमी का सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ेगा। बसों और पर्यटक वाहनों का खर्च कम होने से मानसून के दौरान केरल की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा पैकेज और परिवहन शुल्क में गिरावट आने की उम्मीद है। यदि आप इस वर्षा ऋतु में केरल की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अब आपका सफर पहले से कहीं अधिक सस्ता और आरामदायक हो सकता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर मिली बड़ी सौगात

पर्यावरण संरक्षण और ‘ग्रीन मोबिलिटी’ (Green Mobility) को बढ़ावा देने के लिए केरल सरकार ने एक साहसिक निर्णय लेते हुए नई पंजीकृत इलेक्ट्रिक कारों के लिए ‘रोड टैक्स’ स्लैब को काफी कम कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि लोग पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें।

इस निर्णय से इलेक्ट्रिक कारों की खरीद अब आम आदमी की पहुंच में होगी, जिससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि केरल में एक हरित भविष्य की नींव भी पड़ेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में दी गई यह रियायत सरकार की ‘सस्टेनेबल’ विकास नीतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

करदाताओं के लिए राहत और राजस्व सुधार

संशोधित बजट में टैक्स माफी योजनाओं (Amnesty schemes) का भी प्रस्ताव रखा गया है, जो उन व्यापारियों और नागरिकों को राहत देगा जो लंबे समय से लंबित करों का भुगतान करने में असमर्थ थे। यह योजना कर अनुपालन (compliance) को प्रोत्साहित करेगी और सरकारी खजाने में राजस्व की आवक को आसान बनाएगी। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का कहना है कि यह बजट अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ केरल की जनता के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए तैयार किया गया है।

केरल का 2026-27 का यह संशोधित बजट राज्य के विकास की दिशा में एक संतुलित कदम है। एक ओर जहाँ वाहन करों में 50% की कटौती से परिवहन क्षेत्र की कमर सीधी होगी, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में छूट से भविष्य की जरूरतों के लिए एक स्वच्छ और हरित केरल का निर्माण होगा। यह देखना सुखद है कि सरकार न केवल राजस्व जुटाने पर ध्यान दे रही है, बल्कि एक आम पर्यटक और वाहन मालिक की समस्याओं को भी गंभीरता से ले रही है। केरल का यह बजट निश्चित रूप से राज्य को आने वाले समय में आर्थिक मजबूती और पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक बनने में मदद करेगा।

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