अरविंद केजरीवाल का दावा- पंजाब में भाजपा को ईडी और सीबीआई के डर से मिला 93% चंदा। चंदे की आड़ में वसूली का लगाया आरोप।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उसे “ईडी पार्टी” करार दिया है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि पंजाब में भाजपा को मिलने वाला 93% राजनीतिक चंदा केंद्रीय जांच एजेंसियों—प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)—के डर और दबाव का परिणाम है।
‘वसूली’ का खेल: केजरीवाल के सनसनीखेज दावे
पंजाब में ED पार्टी की 117 में से केवल दो सीट हैं। और देखो उनको पंजाब से कितना चंदा मिला है। टोटल चंदे का 93%. कैसे?
सोचने की बात है – कोई उनको इतना चंदा क्यो दे रहा है? व्यापारियों को ED और CBI की खुले आम धमकियां दी जा रहीं हैं, चंदे के नाम पे खुली लूट चल रही है।
ऐसा धक्का… pic.twitter.com/7InUSzRPef
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 9, 2026
केजरीवाल ने एक बयान में कहा कि पंजाब में भाजपा के पास 117 में से केवल दो सीटें हैं, इसके बावजूद राज्य से मिलने वाले कुल चंदे का 93% हिस्सा उसी के खाते में जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, “आखिर कोई उन्हें इतना चंदा क्यों दे रहा है? व्यवसायी खुलकर कह रहे हैं कि उन्हें ED और CBI द्वारा धमकाया जा रहा है। चंदे की आड़ में यह पूरी तरह से खुली ‘वसूली’ (Extortion) चल रही है।”
केजरीवाल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजाब से राजनीतिक दलों को कुल 64.74 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जिसमें से अकेले भाजपा को 60.3 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके मुकाबले कांग्रेस को 3.73 करोड़ और AAP को मात्र 71 लाख रुपये मिले।
“पंजाबी इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे”
केजरीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के लोग इस तरह के अत्याचार को सहन नहीं करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ईडी पार्टी ने किसान आंदोलन से भी कोई सबक नहीं सीखा है।” उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
भाजपा का पलटवार
वहीं, भाजपा ने केजरीवाल के इन आरोपों को “विभाजनकारी राजनीति” करार दिया है। भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि AAP नेतृत्व व्यापारिक समुदाय को बांटकर राज्य की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहा है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि ED एक संवैधानिक संस्था है जो अपना काम स्वतंत्र रूप से कर रही है, और कानून का पालन करने वाले किसी भी नागरिक को जांच से डरने की जरूरत नहीं है।
राजनीतिक गलियारों में केजरीवाल के इस हमले को राज्य में हो रही हालिया ED छापेमारी से जोड़कर देखा जा रहा है। जहां AAP इसे व्यापारियों को डराने-धमकाने का जरिया बता रही है, वहीं भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के रूप में पेश कर रही है।