केदारनाथ धाम के कपाट खुले: पहले दिन 38 हजार भक्तों ने किए दर्शन, PM मोदी के नाम हुई पहली पूजा

केदारनाथ धाम के कपाट खुले: पहले दिन 38 हजार भक्तों ने किए दर्शन, PM मोदी के नाम हुई पहली पूजा

बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। पहले ही दिन 38,000 भक्तों ने दर्शन किए। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और सेना के बैंड ने माहौल को दिव्य बनाया।

हिमालय की गोद में स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरी केदार घाटी ‘जय बाबा केदार’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंज उठी। इस पावन अवसर पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पहले ही दिन लगभग 38,000 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दरबार में मत्था टेका।

भक्तिमय वातावरण और सेना के बैंड की धुन

बुधवार सुबह करीब 7:50 बजे जैसे ही मंदिर के मुख्य कपाट खोले गए, वहां उपस्थित हजारों भक्तों की आंखें छलक आईं। कपाटोद्घाटन के इस ऐतिहासिक क्षण को और भी यादगार बनाने के लिए भारतीय सेना की सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड ने मधुर धुनें बिखेरीं। मंदिर को क्विंटलों फूलों से सजाया गया था और हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।

प्रधानमंत्री के नाम हुई पहली पूजा

परंपरा का निर्वहन करते हुए, कपाट खुलने के पश्चात मंदिर के गर्भगृह में सबसे पहली विशेष पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मुख्य पुजारी और तीर्थ पुरोहितों ने लोक कल्याण और राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान करीब 10,000 श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहकर इस दिव्य पल के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री ने की सुख-समृद्धि की कामना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस शुभ अवसर पर केदारनाथ धाम में उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्य द्वार पर बाबा केदार के दर्शन किए और देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी के लिए मंगलकामना करते हुए प्रदेश की उन्नति का आशीर्वाद मांगा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था

पहले ही दिन उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ ने प्रशासन के इंतजामों को भी परख लिया। 38,000 श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन की पुख्ता व्यवस्था की गई है। भक्तों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कड़ाके की ठंड और कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर के बाहर देखने को मिलीं

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