Kaziranga National Park: 3 अक्टूबर से फिर खुला काजीरंगा, शुरू हुई Jeep Safari; जल्द लौटेगी Elephant Safari

Kaziranga National Park: 3 अक्टूबर से फिर खुला काजीरंगा, शुरू हुई Jeep Safari; जल्द लौटेगी Elephant Safari

 

काजीरंगा नेशनल पार्क 3 अक्टूबर 2026 से नए पर्यटन सीजन के लिए फिर खुल गया है। जीप सफारी शुरू हो चुकी है और जल्द ही हाथी सफारी भी शुरू होने की उम्मीद है।

असम का प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में पहचान रखने वाला यह राष्ट्रीय उद्यान 3 अक्टूबर 2026 से 2026-27 पर्यटन सीजन के लिए पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मानसून के दौरान हर साल कुछ समय के लिए बंद रहने के बाद अब काजीरंगा के जंगलों में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ दुर्लभ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव ले सकेंगे। खास तौर पर एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए मशहूर काजीरंगा देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से आने वाले वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

मानसून के बाद फिर शुरू हुआ पर्यटन सीजन

काजीरंगा नेशनल पार्क में मानसून के दौरान भारी बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी के कारण पर्यटन गतिविधियों पर रोक रहती है। इस अवधि में जंगल के कई हिस्सों में पानी भर जाता है और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों की आवाजाही सीमित या बंद कर दी जाती है। मानसून का समय जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।

अब बारिश का मौसम गुजरने के बाद पार्क को पर्यटकों के लिए दोबारा खोल दिया गया है। 3 अक्टूबर से शुरू हुए नए पर्यटन सीजन के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों के लिए काजीरंगा घूमने का रास्ता खुल गया है। पार्क के दोबारा खुलने के साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।

जीप सफारी हुई शुरू

नए पर्यटन सीजन में फिलहाल जीप सफारी शुरू कर दी गई है। जीप सफारी काजीरंगा घूमने का सबसे लोकप्रिय तरीका है, जिसके जरिए पर्यटक जंगल के निर्धारित क्षेत्रों में जाकर वन्यजीवों को करीब से देखने का प्रयास कर सकते हैं। सफारी के दौरान खुले घास के मैदान, जलाशय, जंगल और वहां रहने वाले विभिन्न वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

काजीरंगा में वन्यजीवों को देखने के लिए सुबह और दिन के अलग-अलग समय में सफारी का अनुभव लिया जाता है। जंगल में सफारी के दौरान पर्यटकों को निर्धारित मार्ग और वन विभाग के नियमों का पालन करना होता है। इससे वन्यजीवों को परेशानी से बचाने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

एक सींग वाले गैंडे के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध

काजीरंगा नेशनल पार्क की सबसे बड़ी पहचान एक सींग वाला भारतीय गैंडा है। यह राष्ट्रीय उद्यान इस प्रजाति के संरक्षण के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं, जिसके कारण वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए काजीरंगा खास आकर्षण रखता है।

हालांकि काजीरंगा केवल गैंडों तक सीमित नहीं है। यहां हाथी, जंगली भैंसे, हिरण और कई अन्य वन्यजीवों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। पार्क की जैव विविधता इसे पूर्वोत्तर भारत के महत्वपूर्ण वन्यजीव स्थलों में शामिल करती है। अलग-अलग मौसम में जंगल का प्राकृतिक स्वरूप भी बदलता रहता है, जिससे हर पर्यटन सीजन का अनुभव अलग हो सकता है।

जल्द लौट सकती है Elephant Safari

जीप सफारी शुरू होने के बाद अब पर्यटकों की नजर हाथी सफारी पर भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हाथी सफारी जल्द ही दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। हाथी सफारी काजीरंगा में वन्यजीवों को देखने का एक अलग अनुभव देती है और विशेष रूप से गैंडों को देखने के लिए पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है।

हाथी सफारी शुरू होने के बाद पर्यटकों के पास जंगल का अनुभव लेने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध होगा। हालांकि सफारी से जुड़ी गतिविधियां वन विभाग के दिशा-निर्देशों और सुरक्षा नियमों के अनुसार ही संचालित की जाती हैं।

पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है काजीरंगा

काजीरंगा की खूबसूरती केवल उसके वन्यजीवों में नहीं, बल्कि इसके प्राकृतिक परिदृश्य में भी दिखाई देती है। विशाल घास के मैदान, जल क्षेत्र, जंगल और आसपास का प्राकृतिक वातावरण इसे बेहद खास बनाते हैं। सुबह के समय जंगल में सफारी के दौरान सूर्योदय और वन्यजीवों की गतिविधियां पर्यटकों के अनुभव को और यादगार बना सकती हैं।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में काजीरंगा की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी इसे असम के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। यहां आने वाले पर्यटक वन्यजीव पर्यटन के साथ-साथ असम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को भी करीब से जान सकते हैं।

ट्रिप प्लान करने का सही समय

काजीरंगा के 2026-27 पर्यटन सीजन के दोबारा शुरू होने के साथ ही वन्यजीव प्रेमी अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। जो लोग गैंडे और अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण में देखना चाहते हैं, उनके लिए पार्क का खुलना खास मौका है। हालांकि यात्रा से पहले सफारी की उपलब्धता, प्रवेश नियम, निर्धारित समय और स्थानीय प्रशासन या वन विभाग की ताजा गाइडलाइन की जानकारी लेना जरूरी है।

पर्यटकों को यह भी याद रखना चाहिए कि राष्ट्रीय उद्यान एक संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र है। इसलिए सफारी के दौरान जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, उन्हें भोजन न देना, तेज आवाज से बचना और जंगल के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। जिम्मेदार पर्यटन से ही काजीरंगा की जैव विविधता और वन्यजीवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

कुल मिलाकर, 3 अक्टूबर 2026 से काजीरंगा नेशनल पार्क के नए पर्यटन सीजन की शुरुआत वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। जीप सफारी के शुरू होने और हाथी सफारी के जल्द लौटने की उम्मीद के साथ असम का यह प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने को तैयार है।

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