कारगिल विजय दिवस 2025 पर लोकसभा में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि। जानें ऑपरेशन विजय का इतिहास, वीर जवानों की वीरता और संसद में रखे गए मौन का महत्व।
भारत आज कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ मना रहा है। 1999 में इसी दिन भारत ने ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता की घोषणा की थी। इस मौके पर लोकसभा में भी विशेष श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को नमन किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वीर जवानों की वीरता को किया याद
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय सेना के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि, “कारगिल युद्ध में हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी देश की संप्रभुता की रक्षा की। यह उनकी अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है।”
शहीदों की याद में रखा गया मौन
ओम बिरला के भाषण के बाद सदन में कुछ पल का मौन रखा गया, ताकि कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जा सके। पूरे सदन ने उनके बलिदान को नमन किया और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
क्या है कारगिल विजय दिवस का इतिहास?
26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी। भारतीय सेना ने टोलोलिंग, टाइगर हिल जैसे प्रमुख इलाकों पर कब्जा कर लिया था।
इस युद्ध में पाकिस्तान द्वारा किए गए घुसपैठ का डटकर मुकाबला किया गया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया गया।
ऑपरेशन विजय: देश की सुरक्षा का गौरवशाली अध्याय
इस ऐतिहासिक विजय को ‘ऑपरेशन विजय’ कहा जाता है। यह भारतीय सेना के साहस, शौर्य और बलिदान का प्रमाण है। युद्ध में 500 से अधिक भारतीय जवान शहीद हुए, लेकिन उन्होंने देश की अखंडता और सम्मान की रक्षा की।